भारतीय शेयर बाजार में SME IPO की हलचल लगातार बढ़ती जा रही है। अब निवेशकों की नजर Clay Craft India IPO पर टिक गई है। बोन चाइना क्रॉकरी और सिरेमिक टेबलवेयर बनाने वाली यह कंपनी अपना लगभग ₹110 करोड़ का IPO लेकर आ रही है। यह इश्यू 17 जून 2026 से खुलकर 19 जून 2026 तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा।
- Clay Craft India IPO की मुख्य जानकारी
- पूरी तरह फ्रेश इश्यू
- कंपनी क्या करती है?
- कंपनी की ताकत क्या है?
- 1. मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता
- 2. अनुभवी प्रबंधन
- 3. इन-हाउस डिजाइनिंग
- 4. बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
- 5. HoReCa सेगमेंट में मजबूत पकड़
- Clay Craft India Financial Performance
- वित्तीय आंकड़े (₹ करोड़ में)
- क्या कहते हैं ये आंकड़े?
- IPO आरक्षण श्रेणी
कंपनी की मजबूत ब्रांड मौजूदगी, बढ़ता कारोबार और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन इसे चर्चा में ला रहा है। हालांकि किसी भी IPO में निवेश से पहले उसकी पूरी जानकारी समझना बेहद जरूरी होता है। आइए जानते हैं Clay Craft India IPO से जुड़ी हर अहम जानकारी।
Clay Craft India IPO की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| IPO ओपनिंग डेट | 17 जून 2026 |
| IPO क्लोजिंग डेट | 19 जून 2026 |
| संभावित लिस्टिंग | 24 जून 2026 |
| इश्यू साइज | ₹110.11 करोड़ |
| इश्यू टाइप | बुक बिल्डिंग IPO |
| फेस वैल्यू | ₹10 प्रति शेयर |
| प्राइस बैंड | ₹193 से ₹203 प्रति शेयर |
| लिस्टिंग प्लेटफॉर्म | NSE SME |
| लॉट साइज | 600 शेयर |
| न्यूनतम आवेदन | 1,200 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹2,43,600 |
| मार्केट मेकर | Hem Finlease Pvt Ltd |
पूरी तरह फ्रेश इश्यू
Clay Craft India IPO पूरी तरह Fresh Issue है। कंपनी इस IPO के जरिए 54.24 लाख नए शेयर जारी करेगी। इसका मतलब यह है कि प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेच नहीं रहे हैं, बल्कि जुटाई गई राशि सीधे कंपनी के विस्तार और कारोबारी जरूरतों में इस्तेमाल होगी।
यह निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जाता है क्योंकि कंपनी भविष्य की वृद्धि के लिए पूंजी जुटा रही है।
कंपनी क्या करती है?
Clay Craft India Limited की स्थापना जुलाई 1994 में हुई थी। कंपनी बोन चाइना क्रॉकरी और सिरेमिक टेबलवेयर के निर्माण में विशेषज्ञता रखती है।
इसके उत्पादों का उपयोग घरेलू ग्राहकों के अलावा होटल, रेस्तरां और कॉर्पोरेट गिफ्टिंग सेक्टर में भी किया जाता है।
कंपनी के प्रमुख उत्पाद
- डिनर सेट
- मग्स
- कप और सॉसर
- प्लेट्स
- प्लेटर्स
- टी एवं कॉफी सेट
- एक्सेसरीज
- HoReCa सेगमेंट के लिए विशेष उत्पाद
मार्च 2026 तक कंपनी के पास करीब 5,770 SKUs मौजूद थे, जो इसके विविध उत्पाद पोर्टफोलियो को दर्शाते हैं।
कंपनी की ताकत क्या है?
1. मजबूत मैन्युफैक्चरिंग क्षमता
कंपनी के पास एकीकृत और स्केलेबल उत्पादन प्रणाली है, जिससे बड़े ऑर्डर समय पर पूरे किए जा सकते हैं।
2. अनुभवी प्रबंधन
तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले प्रमोटर्स कंपनी का नेतृत्व कर रहे हैं।
3. इन-हाउस डिजाइनिंग
ग्राहकों की पसंद के अनुसार नए डिजाइनों का विकास कंपनी की खासियत है।
4. बड़ा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क
देशभर में मजबूत वितरण चैनल मौजूद हैं।
5. HoReCa सेगमेंट में मजबूत पकड़
होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग उद्योग के लिए विशेष उत्पाद उपलब्ध कराती है।
Clay Craft India Financial Performance
किसी भी IPO का सबसे अहम पहलू उसकी वित्तीय स्थिति होती है।
वित्तीय आंकड़े (₹ करोड़ में)
| विवरण | FY25 | FY26 |
|---|---|---|
| कुल आय | 154.44 | 184.57 |
| EBITDA | 35.39 | 41.96 |
| PAT | 20.76 | 27.01 |
| नेट वर्थ | 139.05 | 166.06 |
| कुल एसेट्स | 217.39 | 251.95 |
| कुल उधारी | 47.75 | 49.98 |
क्या कहते हैं ये आंकड़े?
कंपनी की आय में लगभग 20% की वृद्धि दर्ज हुई है।
वहीं शुद्ध लाभ यानी PAT में करीब 30% का उछाल देखने को मिला है।
इससे साफ होता है कि कंपनी लगातार मुनाफे के साथ आगे बढ़ रही है।
हालांकि कुल उधारी में मामूली बढ़ोतरी भी हुई है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी चाहिए।
IPO आरक्षण श्रेणी
| निवेशक वर्ग | आवंटन |
|---|---|
| QIB | 49.97% |
| NII | 15.02% |
| Retail | 35.01% |
यह संतुलित आरक्षण संरचना मानी जा सकती है।
कितनी रकम लगानी होगी?
रिटेल निवेशकों के लिए यह IPO थोड़ा महंगा साबित हो सकता है।
रिटेल निवेश
- न्यूनतम शेयर: 1,200
- निवेश राशि: ₹2,43,600
S-HNI
- 1,800 शेयर
- ₹3,65,400
B-HNI
- 5,400 शेयर
- ₹10,96,200
जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां होगा?
हालांकि कंपनी ने विस्तृत उपयोग योजना सार्वजनिक दस्तावेजों में दी है, आमतौर पर इस तरह की पूंजी का इस्तेमाल निम्न उद्देश्यों में होता है—
- उत्पादन क्षमता विस्तार
- कार्यशील पूंजी जरूरतें
- नए उत्पाद विकास
- सामान्य कॉर्पोरेट खर्च
क्या Clay Craft India IPO में निवेश करना चाहिए?
यह सवाल हर निवेशक के मन में है।
सकारात्मक पक्ष
✔ 30 साल पुरानी कंपनी
✔ मजबूत ब्रांड पहचान
✔ लगातार बढ़ती आय
✔ मुनाफे में 30% की वृद्धि
✔ विविध उत्पाद पोर्टफोलियो
✔ HoReCa बाजार में मजबूत उपस्थिति
जोखिम
✖ SME IPO में लिक्विडिटी सीमित होती है।
✖ न्यूनतम निवेश राशि काफी अधिक है।
✖ कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर पड़ सकता है।
Samaype News की राय
Clay Craft India IPO उन निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प हो सकता है जो SME सेगमेंट में लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं। कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड मजबूत दिखाई देता है और वित्तीय प्रदर्शन भी बेहतर रहा है।
हालांकि SME IPO में जोखिम अपेक्षाकृत अधिक होता है। इसलिए निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें और केवल उतनी ही राशि निवेश करें, जितना जोखिम उठाने की क्षमता रखते हों।
Disclaimer
यह लेख केवल जानकारी देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें।


