भारतीय शेयर बाजार में एक और SME IPO निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। स्नैक्स और बेकरी उत्पादों के क्षेत्र में लगभग तीन दशक से कारोबार कर रही Crazy Snacks Limited अपना Initial Public Offering (IPO) लेकर बाजार में आई है। कंपनी का IPO 25 जून 2026 को खुल चुका है और 30 जून 2026 तक निवेशक इसमें बोली लगा सकते हैं।
- Crazy Snacks IPO की मुख्य जानकारी
- IPO प्राइस बैंड और लॉट साइज
- Crazy Snacks क्या करती है?
- कंपनी का बाजार और वितरण नेटवर्क
- Crazy Snacks की प्रमुख ताकतें
- 1. विविध उत्पाद पोर्टफोलियो
- 2. सभी बजट के लिए उत्पाद
- 3. मजबूत वितरण व्यवस्था
- 4. इन-हाउस पैकेजिंग
- 5. स्थापित ब्रांड पहचान
- कंपनी की वित्तीय स्थिति
- IPO से जुटाए गए पैसे का उपयोग
करीब ₹31.47 करोड़ के इस IPO के जरिए कंपनी विस्तार, कार्यशील पूंजी की जरूरतों और कारोबारी मजबूती के लिए फंड जुटाना चाहती है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या Crazy Snacks IPO में निवेश करना फायदे का सौदा साबित हो सकता है या नहीं?
आइए विस्तार से समझते हैं।
Crazy Snacks IPO की मुख्य जानकारी
Crazy Snacks IPO एक Book Building Issue है जिसका कुल आकार ₹31.47 करोड़ है।
IPO में:
- ₹25.20 करोड़ का Fresh Issue शामिल है।
- ₹6.28 करोड़ का Offer For Sale (OFS) शामिल है।
IPO 25 जून 2026 से 30 जून 2026 तक खुला रहेगा।
महत्वपूर्ण तारीखें:
- IPO ओपन: 25 जून 2026
- IPO क्लोज: 30 जून 2026
- अलॉटमेंट: 1 जुलाई 2026
- लिस्टिंग: 3 जुलाई 2026
कंपनी BSE SME प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध होगी।
IPO प्राइस बैंड और लॉट साइज
Crazy Snacks IPO का प्राइस बैंड ₹39 से ₹42 प्रति शेयर तय किया गया है।
निवेशकों को कम से कम 6000 शेयरों के लिए आवेदन करना होगा।
न्यूनतम निवेश
- रिटेल निवेशक: ₹2,52,000
- HNI निवेशक: ₹3,78,000
SME IPO होने के कारण इसमें निवेश राशि अपेक्षाकृत अधिक है।
Crazy Snacks क्या करती है?
Crazy Snacks Limited की स्थापना वर्ष 1995 में हुई थी।
कंपनी मुख्य रूप से निम्न उत्पादों का निर्माण करती है:
- नमकीन
- चिप्स
- पॉपकॉर्न
- पोटैटो स्टिक्स
- ब्रेड
- बन
- केक
- रस्क
- कुकीज़
कंपनी तीन प्रमुख ब्रांड के तहत अपने उत्पाद बेचती है:
Crazy
सस्ते और लोकप्रिय स्नैक्स एवं बेकरी उत्पाद
Bity
प्रीमियम ब्रेड, बन और केक
Baked Gold
प्रीमियम कुकीज़ और रस्क
वर्तमान में कंपनी के पास 150 से अधिक उत्पादों का पोर्टफोलियो है।
कंपनी का बाजार और वितरण नेटवर्क
Crazy Snacks मुख्य रूप से उत्तर भारत में कारोबार करती है।
FY25 में कंपनी की लगभग 99% आय उत्तर प्रदेश और बिहार से आई।
कंपनी के पास:
- 2 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट
- 2045 डिस्ट्रीब्यूटर
- 35 डिलीवरी वाहन
का मजबूत नेटवर्क मौजूद है।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में कंपनी की पकड़ इसकी सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
Crazy Snacks की प्रमुख ताकतें
1. विविध उत्पाद पोर्टफोलियो
150 से अधिक उत्पादों के साथ कंपनी ग्राहकों की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करती है।
2. सभी बजट के लिए उत्पाद
₹2 से लेकर ₹170 तक के उत्पाद उपलब्ध हैं।
यह कंपनी को विभिन्न आय वर्ग के ग्राहकों तक पहुंचने में मदद करता है।
3. मजबूत वितरण व्यवस्था
2045 डिस्ट्रीब्यूटर और खुद का वितरण नेटवर्क कंपनी की बाजार पहुंच को मजबूत बनाता है।
4. इन-हाउस पैकेजिंग
कंपनी अपनी पैकेजिंग और वितरण प्रक्रिया खुद संचालित करती है, जिससे लागत नियंत्रण बेहतर रहता है।
5. स्थापित ब्रांड पहचान
लगभग 30 वर्षों का अनुभव कंपनी को बाजार में विश्वसनीयता प्रदान करता है।
कंपनी की वित्तीय स्थिति
कुल आय (Revenue)
- FY23: ₹89.17 करोड़
- FY24: ₹129.08 करोड़
- FY25: ₹111.63 करोड़
- Dec 2025: ₹87.56 करोड़
राजस्व में कुछ उतार-चढ़ाव जरूर दिखता है, लेकिन कंपनी का कारोबार स्थिर बना हुआ है।
मुनाफा (PAT)
- FY23: ₹3.54 करोड़
- FY24: ₹5.32 करोड़
- FY25: ₹6.33 करोड़
- Dec 2025: ₹6.00 करोड़
कंपनी का मुनाफा लगातार बढ़ रहा है, जो एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है।
नेट वर्थ
- FY23: ₹26.43 करोड़
- FY24: ₹31.25 करोड़
- FY25: ₹36.82 करोड़
- Dec 2025: ₹42.82 करोड़
नेटवर्थ में निरंतर वृद्धि कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाती है।
IPO से जुटाए गए पैसे का उपयोग
Fresh Issue से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्य रूप से:
- कार्यशील पूंजी
- व्यवसाय विस्तार
- उत्पादन क्षमता बढ़ाने
- सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों
के लिए किया जाएगा।
जोखिम जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
क्षेत्रीय निर्भरता
कंपनी की 99% आय उत्तर प्रदेश और बिहार से आती है।
यदि इन राज्यों में मांग प्रभावित होती है तो कंपनी के कारोबार पर असर पड़ सकता है।
बढ़ती प्रतिस्पर्धा
स्नैक्स और बेकरी उद्योग में बड़ी कंपनियां जैसे:
- Haldiram
- Bikaji
- Parle
- Britannia
पहले से मौजूद हैं।
कर्ज का स्तर
कंपनी पर दिसंबर 2025 तक लगभग ₹69.91 करोड़ का कर्ज है।
भविष्य में ब्याज लागत मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों के लिए IPO समीक्षा
सकारात्मक पक्ष:
30 साल पुराना व्यवसाय
मजबूत वितरण नेटवर्क
बढ़ता मुनाफा
विविध उत्पाद पोर्टफोलियो
उत्तर भारत में मजबूत ब्रांड उपस्थिति
नकारात्मक पक्ष:
सीमित भौगोलिक उपस्थिति
उच्च निवेश राशि
प्रतिस्पर्धी उद्योग
कर्ज का दबाव
क्या Crazy Snacks IPO में निवेश करना चाहिए?
Crazy Snacks एक स्थापित FMCG और स्नैक्स कंपनी है, जिसकी जड़ें उत्तर भारत में मजबूत हैं। कंपनी का लाभ लगातार बढ़ रहा है और वितरण नेटवर्क भी प्रभावशाली है।
हालांकि निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कंपनी का कारोबार अभी कुछ राज्यों तक सीमित है और उद्योग में प्रतिस्पर्धा काफी ज्यादा है।
जो निवेशक SME IPO में उच्च जोखिम के साथ मध्यम से लंबी अवधि का नजरिया रखते हैं, वे इस IPO का अध्ययन कर सकते हैं। वहीं सुरक्षित निवेश पसंद करने वाले निवेशकों को कंपनी के वैल्यूएशन और लिस्टिंग प्रदर्शन पर भी नजर रखनी चाहिए।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी IPO में निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


