Nifty के बुल्स अलर्ट मोड में, जापान से आने वाला ग्लोबल ट्रेड झटका दे सकता है बाजार को

जापान की एक नीति, दुनिया भर के शेयर बाजारों में हलचल

Dev
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Bank of Japan के पॉलिसी फैसले से पहले भारतीय शेयर बाजार में बढ़ी सतर्कताNifty आज

Nifty में बढ़ी सतर्कता, ग्लोबल संकेतों पर नजर

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार से पहले माहौल थोड़ा सतर्क नजर आ रहा है। खासतौर पर Nifty के बुल्स पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं, क्योंकि दुनिया के सबसे अहम सेंट्रल बैंकों में से एक, Bank of Japan (BoJ) का बड़ा पॉलिसी फैसला आने वाला है। यह फैसला सीधे तौर पर भारत से जुड़ा न भी लगे, लेकिन इसके पीछे छुपा एक ग्लोबल ट्रेड ऐसा है, जो सालों से दुनियाभर के बाजारों की दिशा तय करता आया है।

यह ट्रेड है — Yen Carry Trade

Yen Carry Trade क्या है और क्यों है अहम?

Yen Carry Trade एक ऐसी रणनीति है, जिसमें निवेशक जापान से बेहद कम ब्याज दर पर जापानी येन में कर्ज लेते हैं और उस पैसे को भारत, अमेरिका जैसे उभरते और विकसित बाजारों में ज्यादा रिटर्न वाले एसेट्स में लगाते हैं।

इस ट्रेड की खास बातें:

  • जापान में लंबे समय से ब्याज दरें बेहद कम

  • येन में सस्ता कर्ज उपलब्ध

  • भारत जैसे देशों में बेहतर रिटर्न की उम्मीद

यही वजह है कि बीते कई वर्षों में इस ट्रेड के जरिए भारतीय शेयर और बॉन्ड बाजार में विदेशी पैसा लगातार आता रहा है।

अब अचानक चिंता क्यों बढ़ी?

हाल के महीनों में जापान में चीजें बदलती दिख रही हैं।

  • जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड धीरे-धीरे ऊपर जा रही है

  • Bank of Japan के संकेत पहले से ज्यादा हॉकीश (सख्त) नजर आ रहे हैं

  • लंबे समय से चली आ रही अल्ट्रा-लूज पॉलिसी पर सवाल

अगर BoJ अपनी नीति में और सख्ती करता है, तो येन में कर्ज लेना महंगा हो सकता है। ऐसे में निवेशक Yen Carry Trade को अनवाइंड यानी वापस समेटना शुरू कर सकते हैं।

Unwind का मतलब क्या है?

जब Yen Carry Trade अनवाइंड होती है, तो:

  • निवेशक जोखिम भरे बाजारों से पैसा निकालते हैं

  • उभरते बाजारों में विदेशी बिकवाली बढ़ती है

  • शेयर बाजारों में तेज उतार-चढ़ाव आता है

यही वजह है कि BoJ के फैसले से पहले Nifty और Sensex में वोलैटिलिटी की आशंका जताई जा रही है।

भारतीय शेयर बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?

विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर येन कैरी ट्रेड तेजी से अनवाइंड होता है, तो इसका असर कुछ इस तरह हो सकता है:

1. विदेशी निवेशकों की बिकवाली

  • IT, बैंकिंग और बड़े इंडेक्स स्टॉक्स पर दबाव

  • Nifty में शॉर्ट-टर्म करेक्शन

2. करेंसी पर असर

  • रुपये में हल्का दबाव

  • डॉलर-रुपया में उतार-चढ़ाव

3. वोलैटिलिटी में उछाल

  • ओपनिंग में गैप-अप या गैप-डाउन

  • इंट्राडे ट्रेडिंग में तेज मूवमेंट

क्या गिरावट बहुत गहरी हो सकती है?

यहां राहत की बात यह है कि भारतीय बाजार की बुनियाद फिलहाल मजबूत मानी जा रही है।

मजबूत फैक्टर:

  • घरेलू निवेशकों (DII) की लगातार खरीद

  • SIP के जरिए म्यूचुअल फंड में स्थिर निवेश

  • मजबूत आर्थिक ग्रोथ आउटलुक

  • कॉर्पोरेट अर्निंग्स में स्थिरता

विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू भागीदारी किसी भी बड़ी गिरावट को सीमित कर सकती है।

किन सेक्टर्स पर रहेगी खास नजर?

BoJ के फैसले के बाद इन सेक्टर्स में हलचल ज्यादा देखी जा सकती है:

  • IT सेक्टर – ग्लोबल सेंटिमेंट पर ज्यादा निर्भर

  • बैंकिंग और फाइनेंशियल्स – FII फ्लो से प्रभावित

  • मेटल्स – करेंसी और ग्लोबल डिमांड का असर

वहीं, डिफेंसिव सेक्टर्स जैसे FMCG और फार्मा अपेक्षाकृत स्थिर रह सकते हैं।

टेक्निकल लेवल्स पर क्या कहता है बाजार?

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार:

  • Nifty के लिए मुख्य सपोर्ट नीचे की ओर अहम रहेगा

  • ऊपर की ओर रेजिस्टेंस पर मुनाफावसूली आ सकती है

  • ट्रेडर्स को ओवर-लीवरेज पोजिशन से बचने की सलाह

रिटेल निवेशकों को क्या करना चाहिए?

SamaypeNews के अनुसार, मौजूदा हालात में रिटेल निवेशकों के लिए रणनीति साफ होनी चाहिए:

  • घबराकर बिकवाली से बचें

  • लॉन्ग टर्म निवेश पर फोकस रखें

  • क्वालिटी स्टॉक्स में SIP जारी रखें

  • शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग में सतर्कता बरतें

Bank of Japan का फैसला क्यों है इतना अहम?

Bank of Japan की नीति सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रहती। इसका असर:

  • ग्लोबल लिक्विडिटी

  • करेंसी मार्केट

  • उभरते बाजारों की स्थिरता

सब पर पड़ता है। यही वजह है कि शुक्रवार सुबह आने वाला फैसला Nifty के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।

SamaypeNews की राय

Yen Carry Trade का अनवाइंड अगर धीरे-धीरे होता है, तो भारतीय बाजार इसे आसानी से पचा सकता है। लेकिन अगर कोई अचानक झटका आता है, तो शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव तय माना जा रहा है।

हालांकि, मजबूत घरेलू सपोर्ट और आर्थिक बुनियाद को देखते हुए लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चिंता की बात नहीं है।

डिस्क्लेमर:

यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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