भारत के शेयर बाजार में पिछले कुछ वर्षों में निवेशकों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। लेकिन नवंबर 2025 में इस तेजी पर कुछ हद तक ब्रेक लगता दिखा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर महीने में नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार में 11.6% की मासिक गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट बताती है कि नवंबर में केवल 13.2 लाख नए निवेशक शेयर बाजार से जुड़े, जबकि इससे पहले के महीनों में यह आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा रहा था। इसके बावजूद कुल पंजीकृत निवेशकों की संख्या बढ़कर 12.3 करोड़ तक पहुंच गई है, जो भारतीय इक्विटी बाजार के बढ़ते दायरे को दर्शाता है।
नवंबर 2025 के प्रमुख आंकड़े एक नज़र में
नए निवेशक (नवंबर): 13.2 लाख
मासिक गिरावट: 11.6% MoM
कुल पंजीकृत निवेशक: 12.3 करोड़
लगातार दो महीनों की तेजी के बाद गिरावट
NSE ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि दो महीनों तक लगातार बढ़त के बाद नवंबर में निवेशक जोड़ने की रफ्तार में ठंडक देखने को मिली।
2025 में क्यों कमजोर पड़ा निवेशक जोड़ने का ट्रेंड?
NSE के मुताबिक, CY2025 (कैलेंडर ईयर 2025) में अधिकांश समय नए निवेशकों की संख्या में गिरावट या सुस्ती देखी गई। केवल मई-जुलाई और सितंबर-अक्टूबर के दौरान ही कुछ सुधार देखने को मिला।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे कई अहम कारण हैं:
ग्लोबल अनिश्चितता
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता
ब्याज दरों को लेकर चिंता
भू-राजनीतिक तनाव
विदेशी निवेशकों की सतर्कता
एफआईआई (FII) की बिकवाली
उभरते बाजारों से पूंजी का आंशिक बहिर्गमन
बाजार में उतार-चढ़ाव
इंडेक्स में तेज़ उतार-चढ़ाव
नए निवेशकों के लिए जोखिम की भावना
इन सभी कारणों ने मिलकर पहली बार निवेश करने वालों को थोड़ा सतर्क बना दिया।
पिछले दो वर्षों में निवेशक आधार का सफर
NSE की रिपोर्ट से यह भी साफ होता है कि निवेशक संख्या बढ़ रही है, लेकिन रफ्तार पहले जैसी नहीं रही।
निवेशक संख्या का विकास
फरवरी 2024: 9 करोड़
अगस्त 2024: 10 करोड़
जनवरी 2025: 11 करोड़
नवंबर 2025: 12.3 करोड़
पहले जहां हर 5–6 महीने में 1 करोड़ निवेशक जुड़ रहे थे, वहीं 2025 में यह रफ्तार धीमी पड़ गई।
11 करोड़ से 12 करोड़ निवेशकों तक पहुंचने में करीब 9 महीने लग गए, जो साफ तौर पर सुस्ती का संकेत है।
जनवरी–नवंबर 2025: औसत निवेशक जोड़ने का आंकड़ा
औसत मासिक जोड़ (2025): 12.8 लाख निवेशक
कुल नए निवेशक (जन–नव): 1.4 करोड़
इसके मुकाबले,
2024 में औसत मासिक जोड़: 19.3 लाख
कुल जोड़ (उसी अवधि में): 2.1 करोड़
यानी साल-दर-साल तुलना में निवेशकों की संख्या जोड़ने की गति में काफी गिरावट आई है।
क्षेत्रवार निवेशक भागीदारी: कौन आगे, कौन पीछे?
NSE की रिपोर्ट में भारत के अलग-अलग क्षेत्रों का भी विवरण दिया गया है।
नवंबर 2025 तक क्षेत्रवार निवेशक
उत्तर भारत: 4.5 करोड़ (सबसे आगे)
पश्चिम भारत: 3.6 करोड़
दक्षिण भारत: 2.6 करोड़
पूर्व भारत: 1.5 करोड़
उत्तर भारत निवेशकों की संख्या के मामले में लगातार बढ़त बनाए हुए है।
सालाना आधार पर (YoY) क्या कहती है तस्वीर?
हालांकि मासिक आधार पर गिरावट दिखी, लेकिन सालाना आधार पर ज्यादातर क्षेत्रों में 15% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई।
पश्चिम भारत एकमात्र ऐसा क्षेत्र रहा, जहां सालाना वृद्धि केवल 11.6% रही, जो बाकी क्षेत्रों के मुकाबले कम है।
क्या यह निवेशकों के लिए चिंता की बात है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट किसी बड़े खतरे का संकेत नहीं है।
भारतीय शेयर बाजार का आधार मजबूत है
घरेलू निवेशक (DII) अब भी एक्टिव हैं
SIP और म्यूचुअल फंड निवेश जारी है
हालांकि, नए निवेशकों के लिए मौजूदा माहौल थोड़ा सतर्क रहने वाला जरूर है।
SamaypeNews Analysis
NSE की यह रिपोर्ट बताती है कि भारतीय शेयर बाजार विकसित हो रहा है, लेकिन अंधाधुंध तेजी की जगह अब सोच-समझकर निवेश का दौर आ गया है।
नए निवेशक पहले से ज्यादा जानकारी चाहते हैं
जोखिम को लेकर जागरूकता बढ़ी है
बाजार अब केवल ट्रेंड नहीं, फंडामेंटल्स पर चल रहा है


