भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को साल के अंत की मुनाफावसूली (Year-End Profit Booking) का असर साफ देखने को मिला। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन निवेशकों ने ऊँचे स्तरों पर अपनी पोजिशन घटाई, जिससे Sensex और Nifty दोनों लाल निशान में बंद हुए।
- क्यों फिसला बाजार? ये रहे प्रमुख कारण
- Year-End Profit Booking का दबाव
- रिकॉर्ड हाई के पास सतर्कता
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली
- साल के आखिरी हफ्ते में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम
- Sensex के टॉप लूजर्स कौन रहे?
- हफ्तेभर का प्रदर्शन कैसा रहा?
- मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
- तकनीकी नजरिया (Technical View)
- आगे बाजार से क्या उम्मीद?
- निवेशकों के लिए क्या रणनीति सही?
बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स Sensex 367 अंक या 0.4% गिरकर 85,041.45 पर बंद हुआ। वहीं, NSE Nifty 50 भी 0.4% की गिरावट के साथ 26,042.30 पर बंद हुआ और एक बार फिर 26,050 के अहम स्तर से नीचे फिसल गया।
हालांकि, यह गिरावट इतनी बड़ी नहीं मानी जा रही, लेकिन यह साफ संकेत देती है कि निवेशक साल खत्म होने से पहले जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं।
क्यों फिसला बाजार? ये रहे प्रमुख कारण
Year-End Profit Booking का दबाव
साल 2025 में बाजार पहले ही रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच चुका था। ऐसे में कई निवेशकों ने दिसंबर के आखिरी हफ्ते में मुनाफा निकालना बेहतर समझा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट किसी नकारात्मक खबर की वजह से नहीं, बल्कि एक स्वाभाविक करेक्शन है।
रिकॉर्ड हाई के पास सतर्कता
Sensex हाल ही में अपने लाइफटाइम हाई के आसपास कारोबार कर रहा था। ऐसे स्तरों पर आमतौर पर निवेशक नई खरीदारी से बचते हैं और मौजूदा पोजिशन सुरक्षित करने पर ध्यान देते हैं।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली
Foreign Institutional Investors (FII) की ओर से लगातार बिकवाली भी बाजार पर दबाव डालती रही।
साल के अंत में वैश्विक फंड मैनेजर आमतौर पर अपने पोर्टफोलियो का री-बैलेंसिंग करते हैं, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा।
साल के आखिरी हफ्ते में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम
क्रिसमस और न्यू ईयर के चलते वैश्विक बाजारों में भी गतिविधियां सीमित रहीं।
कम वॉल्यूम में थोड़ी सी बिकवाली भी इंडेक्स पर ज्यादा असर डाल देती है।
Sensex के टॉप लूजर्स कौन रहे?
शुक्रवार को Sensex के 30 में से कई बड़े शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। इनमें प्रमुख रूप से:
Bajaj Finance – करीब 1.5% की गिरावट
Asian Paints – 1% से ज्यादा फिसला
Eternal – कमजोर प्रदर्शन
Sun Pharma – मुनाफावसूली की मार
Tech Mahindra – आईटी शेयरों में दबाव
इन हैवीवेट शेयरों में बिकवाली ने इंडेक्स को नीचे खींचने में बड़ी भूमिका निभाई।
हफ्तेभर का प्रदर्शन कैसा रहा?
हालांकि शुक्रवार को बाजार गिरा, लेकिन साप्ताहिक आधार पर तस्वीर थोड़ी बेहतर रही।
Nifty 50
हफ्ते में 0.3% की बढ़तSensex
हफ्ते में 0.1% की तेजी
खास बात यह रही कि इस बढ़त के साथ बाजार ने लगातार तीन हफ्तों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
बाजार जानकारों का मानना है कि यह गिरावट ट्रेंड बदलने का संकेत नहीं है।
एक सीनियर मार्केट एनालिस्ट के अनुसार:
“रिकॉर्ड हाई के पास मुनाफावसूली बिल्कुल सामान्य है। जब तक Nifty 25,900–26,000 के ऊपर बना रहता है, तब तक बाजार का स्ट्रक्चर मजबूत माना जाएगा।”
विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि जनवरी 2026 में बाजार की दिशा कई अहम फैक्टर्स पर निर्भर करेगी—
विदेशी निवेशकों का रुख
डॉलर-रुपया मूवमेंट
ग्लोबल सेंट्रल बैंकों के संकेत
तीसरी तिमाही के नतीजे
तकनीकी नजरिया (Technical View)
Nifty के लिए सपोर्ट: 26,000 – 25,950
रेजिस्टेंस: 26,200 – 26,300
अगर Nifty 26,000 के नीचे फिसलता है तो कुछ और दबाव दिख सकता है। वहीं, 26,200 के ऊपर मजबूती आने पर दोबारा तेजी लौट सकती है।
आगे बाजार से क्या उम्मीद?
साल 2025 के आखिरी दिनों में बाजार में कंसोलिडेशन बना रह सकता है।
जनवरी में नई शुरुआत के साथ:
नई एफआईआई रणनीति
बजट से पहले की उम्मीदें
अर्निंग सीजन की शुरुआत
इन सबका असर बाजार की चाल पर पड़ेगा।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति सही?
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स सतर्क रहें
लॉन्ग टर्म निवेशक क्वालिटी शेयरों में बने रह सकते हैं
ऊँचे स्तरों पर नई खरीदारी से बचें
गिरावट में मजबूत फंडामेंटल वाले शेयर देखें


