Market Wrap: अमेरिकी टैरिफ की चिंता से बाजार दबाव में, Sensex 245 अंक फिसला, Nifty 25,700 के नीचे बंद

वैश्विक संकेतों का असर, घरेलू बाजार में बढ़ी सतर्कता

Dev
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Market Wrap: विदेशी बिकवाली और अमेरिकी टैरिफ की चिंता से शेयर बाजार में दबावMarket Wrap Today

Market Wrap: लगातार दबाव में भारतीय शेयर बाजार

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर कमजोरी देखने को मिली। अमेरिकी टैरिफ को लेकर बढ़ती चिंताओं और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को कमजोर कर दिया। कारोबारी सत्र के अंत में Sensex 245 अंक गिरकर 83,382.71 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में 66.7 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,665.60 के नीचे फिसल गया।

यह गिरावट कोई एक दिन की घटना नहीं रही। बीते आठ में से सात कारोबारी सत्रों में बाजार लाल निशान में बंद हुआ है, जो यह साफ संकेत देता है कि फिलहाल बाजार में अनिश्चितता और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।

अमेरिकी टैरिफ की चिंता क्यों बन रही है बड़ी वजह?

SamayPenews के बाजार विश्लेषण के अनुसार, हालिया गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की संभावित टैरिफ नीति को लेकर बनी अनिश्चितता है। निवेशकों को आशंका है कि अगर अमेरिका आयात शुल्क बढ़ाता है, तो इसका असर:

  • वैश्विक व्यापार

  • उभरते बाजारों की ग्रोथ

  • भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर

पर पड़ सकता है। इसी चिंता के चलते विदेशी निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं और भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बढ़ाया दबाव

बाजार पर FII Outflow का असर साफ दिखाई दिया। लगातार बिकवाली के चलते:

  • लार्जकैप शेयरों में दबाव

  • इंडेक्स पर नेगेटिव असर

  • बाजार में वोलैटिलिटी

बढ़ी है। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की खरीदारी ने गिरावट को कुछ हद तक संभाला, लेकिन वह FII की बिकवाली को पूरी तरह संतुलित नहीं कर पाई।

सेक्टरल परफॉर्मेंस: कहां दिखी मजबूती, कहां कमजोरी?

बुधवार के कारोबार में सेक्टरों की तस्वीर मिली-जुली रही।

दबाव में रहे सेक्टर:

  • आईटी

  • ऑटो

  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स

मजबूती दिखाने वाले सेक्टर:

  • बैंकिंग शेयरों में चुनिंदा खरीदारी

  • मेटल स्टॉक्स में हल्की तेजी

हालांकि इन सेक्टरों की मजबूती भी बाजार की कुल गिरावट को रोकने में नाकाफी रही।

Sensex और Nifty का टेक्निकल हाल

विशेषज्ञों के मुताबिक:

  • Nifty 25,700 का स्तर अब महत्वपूर्ण सपोर्ट बन चुका था, जिसके नीचे फिसलना बाजार के लिए नेगेटिव संकेत माना जा रहा है।

  • अगर गिरावट जारी रहती है तो 25,500–25,400 का स्तर अगला सपोर्ट हो सकता है।

  • ऊपर की ओर 26,000 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है।

Sensex के लिए भी 83,000–82,800 का जोन अहम माना जा रहा है।

निवेशकों की धारणा क्यों बनी हुई है कमजोर?

बाजार की मौजूदा स्थिति को देखें तो निवेशकों की सोच पर कई फैक्टर असर डाल रहे हैं:

वैश्विक अनिश्चितता
अमेरिकी नीतियों को लेकर असमंजस
भू-राजनीतिक तनाव
FII बिकवाली
वोलैटाइल मार्केट ट्रेंड

इन सभी कारणों से निवेशक फिलहाल रिस्क लेने से बचते नजर आ रहे हैं।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों की हालत

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी दबाव देखने को मिला। पिछले कुछ महीनों में तेज रैली के बाद अब इन सेगमेंट्स में प्रॉफिट बुकिंग हावी हो रही है।

विश explainers मानते हैं कि निवेशकों को इन शेयरों में चयनात्मक रणनीति अपनानी चाहिए।

आगे बाजार का रुख क्या रह सकता है?

SamayPenews के मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा इन फैक्टर्स पर निर्भर करेगी:

  • अमेरिका से आने वाले टैरिफ से जुड़े अपडेट

  • FII फ्लो की दिशा

  • वैश्विक बाजारों का ट्रेंड

  • कच्चे तेल और डॉलर की चाल

जब तक इन मोर्चों पर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?

मौजूदा हालात में निवेशकों के लिए सलाह:

लॉन्ग टर्म निवेशक घबराकर बिकवाली न करें
मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर नजर रखें
SIP और चरणबद्ध निवेश को प्राथमिकता दें
शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स स्टॉप-लॉस के साथ ट्रेड करें

SamayPenews की राय

बाजार की मौजूदा गिरावट डराने वाली जरूर लग सकती है, लेकिन यह पूरी तरह से वैश्विक कारणों से प्रेरित है। जब तक अमेरिकी टैरिफ नीति और विदेशी निवेशकों की दिशा साफ नहीं होती, तब तक बाजार में स्थिरता आना मुश्किल है।

हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह दौर अवसर भी बन सकता है, बशर्ते निवेश सोच-समझकर किया जाए।

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