आज के दौर में जब सिनेमाघरों और ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर ज़्यादातर छाती ठोकने वाले एक्शन हीरो, डार्क थ्रिलर और ओवरडोज़ ड्रामा देखने को मिलते हैं, ऐसे समय में Abhishek Raj और Rajneesh Thakur की फिल्म One Two Cha Cha Chaa एक ताज़ी हवा के झोंके की तरह सामने आती है।
यह फिल्म बिना किसी दिखावे के, पूरी ईमानदारी से बनाई गई एक क्लीन और सादगी भरी कॉमेडी है, जो आपको पुराने दौर की फिल्मों की याद दिलाती है। हंसी, पागलपन और हल्की-सी भावुकता से भरी यह कहानी आखिर तक आपको मुस्कुराने पर मजबूर कर देती है।
कहानी की शुरुआत: मोतिहारी की हल्दी और एक अजीब मांग
फिल्म की कहानी बिहार के मोतिहारी से शुरू होती है, जहां संजू (ललित प्रभाकर) की शादी से पहले हल्दी की रस्म चल रही होती है। पूरा परिवार दूल्हे के इर्द-गिर्द खुशियों में डूबा होता है, तभी एंट्री होती है संजू के कुंवारे और बाइपोलर चाचा वेद प्रकाश जायसवाल उर्फ चाचाजी (आशुतोष राणा) की।
चाचाजी का किरदार शुरू से ही अलग नजर आता है—थोड़े सनकी, थोड़े मासूम और बेहद उतावले। हल्दी के बीचों-बीच वह ऐसा ऐलान कर देते हैं, जो पूरी कहानी को नया मोड़ दे देता है। चाचाजी कहते हैं कि उन्हें भतीजे से पहले शादी करनी है, और यही से फिल्म एक मजेदार, अराजक और यादगार सफर पर निकल पड़ती है।
रोड ट्रिप और पागलपन का पूरा सर्कस
इस घोषणा के बाद कहानी पहुंचती है रांची के एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की ओर, जहां जाने वाला यह सफर धीरे-धीरे एक पूरे सर्कस में बदल जाता है। रास्ते में मिलते हैं कई अजीब लेकिन मजेदार किरदार—
सस्पेंडेड नारकोटिक्स अफसर
शोमा नाम की डांसर
भागा हुआ अपराधी भूरा सिंह
और एक जरूरत से ज्यादा जोशीला पुलिस अफसर
ये सभी किरदार मिलकर कहानी को पूरी तरह उलट-पुलट कर देते हैं। फिल्म का हर सीन किसी न किसी तरह से हंसी पैदा करता है और साथ ही पुराने ज़माने की कॉमेडी फिल्मों की याद दिलाता है।
क्या काम करता है (What Works)
आशुतोष राणा का अभिनय
अगर इस फिल्म की जान किसी एक चीज़ में बसती है, तो वह है आशुतोष राणा का अभिनय। आमतौर पर गंभीर और खौफनाक किरदारों के लिए पहचाने जाने वाले राणा इस फिल्म में बिल्कुल अलग रंग में नजर आते हैं।
उनका बाइपोलर, शादी के लिए बेचैन और अंदर से बेहद मासूम चाचाजी का किरदार इतना सच्चा लगता है कि हंसी के बीच-बीच दिल भी छू जाता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि पूरी फिल्म उनके कंधों पर टिकी है और वह इसे बखूबी निभाते हैं।
तकनीकी विश्लेषण (Technical Analysis)
कहानी
One Two Cha Cha Chaa की कहानी बेहद सिंपल है, लेकिन इसकी खूबसूरती इसी सादगी में है। लेखक ने किसी जटिल प्लॉट में उलझने की बजाय एक साधारण आइडिया को मजेदार हालातों और किरदारों से ऊंचाई दी है।
डायलॉग्स कच्चे, देसी और सीधे दिल पर असर करने वाले हैं। कई जगह फिल्म आपको Hera Pheri और Dhamaal जैसी क्लासिक कॉमेडी की याद दिलाती है।
निर्देशन
निर्देशक अभिषेक राज और राजनेश ठाकुर ने कहानी को बिना उपदेश दिए आगे बढ़ाया है। फिल्म में मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय को भी बहुत हल्के और सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है।
करीब 2 घंटे 40 मिनट की फिल्म होने के बावजूद इसकी रफ्तार बनी रहती है और कहीं भी बोरियत महसूस नहीं होती।
म्यूज़िक
फिल्म का बैकग्राउंड म्यूज़िक कहानी के मूड के साथ पूरी तरह मेल खाता है। म्यूज़िक न तो हावी होता है और न ही कमजोर पड़ता है, बल्कि सीन के असर को और बेहतर बनाता है।
स्टार कास्ट का प्रदर्शन
आशुतोष राणा – फिल्म की आत्मा
ललित प्रभाकर, अनंत विजय जोशी और हर्ष मयार – गोलमाल-धमाल टाइप एनर्जी
न्यारा एम बनर्जी (शोमा 440) – ग्लैमर का तड़का
अभिमन्यु सिंह – दमदार सपोर्टिंग रोल
हर कलाकार अपनी भूमिका में फिट बैठता है और फिल्म की कॉमिक टाइमिंग को मजबूत करता है।
बिना उपदेश के मैसेज
फिल्म मानसिक स्वास्थ्य जैसे मुद्दे को छूती जरूर है, लेकिन कहीं भी ज्ञान बांटने या भारी-भरकम संदेश देने की कोशिश नहीं करती। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है—हंसाते-हंसाते सोचने पर मजबूर कर देना।
निष्कर्ष (Conclusion)
अगर आप लंबे समय बाद दिल खोलकर हंसना चाहते हैं, तो One Two Cha Cha Chaa आपके लिए परफेक्ट फिल्म है। यह न सिर्फ मनोरंजन करती है, बल्कि अपनी सादगी और ईमानदारी से दिल भी जीत लेती है।
आशुतोष राणा के शानदार अभिनय के लिए ही यह फिल्म देखी जानी चाहिए।
वीकेंड प्लान के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।


