मिडिल ईस्ट तनाव से यूरोप के बाजारों में भारी बिकवाली, STOXX 600 दो हफ्ते के निचले स्तर पर
यूरोप के शेयर बाजारों में सोमवार को तेज गिरावट देखने को मिली। पैन-यूरोपियन इंडेक्स STOXX 600 करीब 1.5% टूटकर 623.98 अंकों पर पहुंच गया, जो पिछले दो हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव और अनिश्चितता ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को झटका दिया, जिससे लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में बंद हुए।
- मिडिल ईस्ट तनाव से यूरोप के बाजारों में भारी बिकवाली, STOXX 600 दो हफ्ते के निचले स्तर पर
- मिडिल ईस्ट में तनाव क्यों बढ़ा?
- जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के बाजार भी दबाव में
- बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा चोट
- एयरलाइन और ट्रैवल शेयरों में भारी गिरावट
- लग्ज़री और रिटेल सेक्टर भी दबाव में
- तेल कीमतों में उछाल, ऊर्जा शेयर चमके
विश्लेषकों के मुताबिक, यह गिरावट पिछले सात महीनों में सबसे खराब कारोबारी सत्रों में से एक साबित हो सकती है। शुक्रवार को रिकॉर्ड ऊंचाई छूने वाला इंडेक्स अचानक दबाव में आ गया और बाजार का मूड पूरी तरह बदल गया।
मिडिल ईस्ट में तनाव क्यों बढ़ा?
ताज़ा घटनाक्रम में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमलों की खबरों ने स्थिति को और भड़का दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए। इसके जवाब में तेहरान ने क्षेत्र में मिसाइल हमले शुरू कर दिए, जिससे पूरे इलाके में संघर्ष फैलने की आशंका बढ़ गई है।
भूराजनैतिक तनाव के इस उभार ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऊर्जा आपूर्ति, शिपिंग रूट और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संभावित असर ने बाजार में व्यापक बिकवाली को जन्म दिया।
जर्मनी, फ्रांस और स्पेन के बाजार भी दबाव में
जर्मनी का प्रमुख इंडेक्स तीन हफ्तों के निचले स्तर पर फिसल गया।
फ्रांस का बाजार दो हफ्तों के न्यूनतम स्तर के करीब पहुंचा।
स्पेन में भी शेयर बाजार दो हफ्तों से अधिक के सबसे कमजोर स्तर पर रहा।
पूरे यूरोप में निवेशकों ने जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है।
बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा चोट
बैंकिंग शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। ब्रिटेन के बड़े बैंक—
HSBC
Barclays
Standard Chartered
इनमें 4% से 5% तक की गिरावट दर्ज की गई। व्यापक बैंकिंग इंडेक्स लगभग 3.6% लुढ़क गया।
बीमा कंपनियां भी 2% तक फिसलीं। निवेशकों को डर है कि मिडिल ईस्ट में अस्थिरता से इन बैंकों के कारोबार और क्रेडिट एक्सपोजर पर असर पड़ सकता है।
एयरलाइन और ट्रैवल शेयरों में भारी गिरावट
मिडिल ईस्ट वैश्विक एविएशन का एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर है। एयरस्पेस बंद होने और कई उड़ानों के रद्द होने से ट्रैवल सेक्टर को तगड़ा झटका लगा।
Lufthansa के शेयर 11% तक गिर गए।
International Airlines Group में 5% की गिरावट।
Air France-KLM के शेयर 7% टूटे।
ट्रैवल और एयरलाइन इंडेक्स नवंबर के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया।
लग्ज़री और रिटेल सेक्टर भी दबाव में
यूरोप के बड़े लग्ज़री ब्रांड—
LVMH
Kering
इनमें करीब 4% की गिरावट आई। रिटेल सेक्टर कुल मिलाकर 3.6% नीचे रहा।
निवेशकों को आशंका है कि सप्लाई चेन में रुकावट और शिपिंग लागत बढ़ने से कंपनियों के मार्जिन पर दबाव आएगा।
तेल कीमतों में उछाल, ऊर्जा शेयर चमके
तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में 13% तक उछाल आया। ईरान द्वारा होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास हमलों से वैश्विक शिपिंग बाधित हुई है।
इससे ऊर्जा कंपनियों को फायदा हुआ—
Shell
BP
TotalEnergies
इनके शेयर 2% से 4% तक चढ़े। ऊर्जा इंडेक्स 2.2% उछलकर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया।
डिफेंस और शिपिंग कंपनियों में भी तेजी
तनाव बढ़ने से रक्षा खर्च में वृद्धि की उम्मीदें जगी हैं।
BAE Systems
Rheinmetall
Leonardo
इन शेयरों में 2% से 6% तक की तेजी देखी गई।
शिपिंग कंपनियों—
Maersk
Hapag-Lloyd
में भी 4.5% तक उछाल आया।
आगे क्या? निवेशकों की नजर आर्थिक आंकड़ों पर
इस हफ्ते यूरोप में महंगाई दर, बेरोजगारी आंकड़े, PMI सर्वे और रिटेल सेल्स जैसे महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा आने वाले हैं।
फ्रांस और इटली के मैन्युफैक्चरिंग PMI में सुधार दिखा है, जबकि जर्मनी में भी रिकवरी के संकेत मिल रहे हैं। लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव इन सकारात्मक संकेतों पर भारी पड़ता दिख रहा है।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को फिर से बढ़ा दिया है। यूरोप का STOXX 600 दो हफ्तों के निचले स्तर पर फिसल चुका है, जबकि बैंकिंग और ट्रैवल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर, ऊर्जा और डिफेंस शेयरों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगी कि मिडिल ईस्ट का संकट कितना लंबा खिंचता है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर उसका कितना असर पड़ता है।


