Ahead of Market: सोमवार को बाजार की चाल तय करेंगे ये 10 अहम संकेत, Nifty 25,800 के पार या 25,300 के नीचे?

ग्लोबल संकेत, VIX की चाल और FIIs की रणनीति – तय होगी बाजार की अगली दिशा।

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BSE और NSE के सूचकांक शुक्रवार को मजबूती के साथ बंद, लेकिन वोलैटिलिटी बरकरार।शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव

सोमवार को कैसी रहेगी बाजार की चाल? जानिए 10 बड़े संकेत

भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बावजूद मजबूती के साथ समापन किया। आईटी शेयरों में कमजोरी के बावजूद अन्य सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली।

Nifty 50 116.90 अंकों की बढ़त के साथ 25,571.25 पर बंद हुआ, जबकि BSE Sensex 316.57 अंकों की तेजी के साथ 82,814.71 पर पहुंच गया।

हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव कम नहीं हुआ। वोलैटिलिटी इंडेक्स India VIX 6.7% बढ़कर 14.36 पर बंद हुआ, जो निवेशकों की सतर्कता को दर्शाता है।

अब सवाल है—सोमवार को D-Street की दिशा क्या होगी? आइए जानते हैं 10 बड़े फैक्टर जो बाजार की चाल तय करेंगे।

Nifty के टेक्निकल लेवल

तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, Nifty के लिए 25,300 का स्तर मजबूत सपोर्ट है, जबकि 25,800 के आसपास रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। यदि इंडेक्स 25,800 के ऊपर टिकता है तो नई तेजी संभव है, लेकिन 25,300 के नीचे फिसलने पर दबाव बढ़ सकता है।

Sensex की मजबूती

Sensex ने 82,800 के ऊपर क्लोजिंग देकर सकारात्मक संकेत दिया है। बैंकिंग और ऑटो शेयरों की मजबूती बाजार को सपोर्ट दे सकती है। हालांकि आईटी सेक्टर की कमजोरी पर नजर रहेगी।

India VIX का उछाल

India VIX में 6.7% की बढ़त बताती है कि बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। VIX यदि 15 के ऊपर जाता है तो तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यह ट्रेडर्स के लिए अहम संकेत है।

ग्लोबल मार्केट का असर

अमेरिका और यूरोप के बाजारों में सकारात्मक क्लोजिंग देखने को मिली। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ से जुड़े फैसले ने निवेशकों को राहत दी। यदि सोमवार को एशियाई बाजार भी मजबूती दिखाते हैं, तो भारतीय बाजार को सपोर्ट मिल सकता है।

FIIs और DIIs का डेटा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की खरीद-बिक्री का आंकड़ा बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पिछले कुछ सत्रों में FIIs की सतर्क रणनीति देखी गई है। यदि सोमवार को वे खरीदारी करते हैं तो तेजी को बल मिल सकता है।

सेक्टर रोटेशन

आईटी सेक्टर में कमजोरी के बावजूद बैंकिंग, मेटल और ऑटो शेयरों में खरीदारी देखी गई। सेक्टर रोटेशन का यह ट्रेंड जारी रहता है या नहीं, यह देखना अहम होगा।

कच्चे तेल की कीमतें

क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भारतीय बाजार पर सीधा असर डालता है। यदि ब्रेंट क्रूड में तेजी आती है तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और एविएशन शेयरों पर दबाव बन सकता है।

रुपया बनाम डॉलर

डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है। मजबूत रुपया विदेशी निवेश को आकर्षित कर सकता है, जबकि कमजोरी आयात-आधारित कंपनियों पर असर डाल सकती है।

कॉरपोरेट अपडेट और नतीजे

कंपनियों के तिमाही नतीजे और बड़े कॉरपोरेट ऐलान शेयरों में स्टॉक-स्पेसिफिक मूवमेंट ला सकते हैं। निवेशकों को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर खास नजर रखनी चाहिए।

जियोपॉलिटिकल संकेत

वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रम और व्यापार नीतियों में बदलाव बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकते हैं। अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक माहौल भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर सकता है।

मार्केट पल्स: क्या कहता है ट्रेंड?

शुक्रवार की तेजी बताती है कि बाजार में अभी भी खरीदारी का दम मौजूद है। लेकिन बढ़ती वोलैटिलिटी और आईटी सेक्टर की कमजोरी सतर्क रहने का संकेत देती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार 25,300–25,800 के दायरे में घूम सकता है। ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन ही अगली बड़ी दिशा तय करेगा।

निवेशकों के लिए रणनीति

  • शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स 25,300 और 25,800 के लेवल पर नजर रखें

  • लॉन्ग टर्म निवेशक गिरावट में मजबूत शेयरों में चरणबद्ध निवेश करें

  • वोलैटिलिटी बढ़ने पर स्टॉप लॉस का पालन जरूरी

  • सेक्टर-आधारित रणनीति अपनाएं

निष्कर्ष

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल संतुलन की स्थिति में है। एक तरफ ग्लोबल बाजारों का सकारात्मक संकेत है, तो दूसरी ओर बढ़ती वोलैटिलिटी निवेशकों को सावधान रहने का संदेश दे रही है।

सोमवार का सत्र यह तय करेगा कि Nifty नई ऊंचाई की ओर बढ़ेगा या सीमित दायरे में ही रहेगा।

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