बॉलीवुड के मशहूर म्यूजिक कंपोजर Amaal Mallik ने हाल ही में भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के रॉयल्टी सिस्टम पर ऐसा खुलासा किया है, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
उन्होंने बताया कि एक सुपरहिट गाना बनाने के बावजूद उन्हें उसकी कमाई का बहुत छोटा हिस्सा मिला, जबकि रिकॉर्ड लेबल ने करोड़ों रुपये कमाए।
“Sooraj Dooba Hai” से जुड़ा बड़ा खुलासा
Amaal Mallik ने अपने करियर के लोकप्रिय गाने Sooraj Dooba Hai का उदाहरण देते हुए बताया कि:
- इस गाने को बनाने में लगभग ₹8-10 लाख का खर्च आया
- गाना फिल्म Roy में था, जिसमें Ranbir Kapoor नजर आए थे
- लेकिन समय के साथ इस गाने ने करीब ₹100 करोड़ तक की कमाई कर ली
इसके बावजूद Amaal Mallik को सिर्फ ₹75,000 से ₹1.5 लाख तक ही कमाई हुई।
आखिर कहां जाता है पैसा?
Amaal Mallik के अनुसार, भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में सबसे बड़ा हिस्सा रिकॉर्ड लेबल के पास होता है।
उन्होंने बताया:
- लगभग 95% कमाई लेबल के पास जाती है
- बाकी 5% में composer, lyricist, singer और बाकी टीम को हिस्सा मिलता है
यानी असली क्रिएटर्स को बहुत कम फायदा मिलता है।
म्यूजिक लेबल का कंट्रोल
इस गाने को रिलीज किया गया था T-Series के तहत।
Amaal Mallik का कहना है:
- गाने के master rights लेबल के पास होते हैं
- क्रिएटर के पास गाने पर कंट्रोल नहीं रहता
- लेबल चाहे तो remix या reuse कर सकता है
भारत vs विदेश: रॉयल्टी सिस्टम का फर्क
Amaal Mallik ने भारत और विदेश के रॉयल्टी सिस्टम की तुलना भी की।
उन्होंने उदाहरण दिया Taylor Swift का:
- विदेशों में कलाकार अपने गानों के master rights रखते हैं
- वे अपने गानों को दोबारा रिलीज या monetize कर सकते हैं
- भारत में ऐसा सिस्टम अभी मजबूत नहीं है
यही कारण है कि भारतीय कलाकारों को कम कमाई मिलती है।
Javed Akhtar का योगदान
भारत में रॉयल्टी सिस्टम को लागू करने में Javed Akhtar की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने 2012 में Copyright Amendment Act के लिए संघर्ष किया:
- lyricists और composers को अधिकार दिलाने की कोशिश
- इंडस्ट्री में विरोध का सामना करना पड़ा
- कई पुराने सहयोगियों ने काम करना बंद कर दिया
गाने के “चार स्तंभ” कौन?
Amaal Mallik के अनुसार, एक गाने के चार मुख्य pillars होते हैं:
- Lyricist
- Music Composer
- Director
- Singer
लेकिन अक्सर credit और कमाई का बड़ा हिस्सा इन तक नहीं पहुंचता।
म्यूजिक इंडस्ट्री की चुनौती
आज भी भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री में कई समस्याएं हैं:
- royalty distribution में असमानता
- transparency की कमी
- artists के अधिकार सीमित
इससे नए कलाकारों को भी नुकसान होता है।
Amaal Mallik की पर्सनल कहानी
उन्होंने बताया कि:
- एक गाना बनाने के बाद उन्हें बहुत कम रकम मिलती है
- उसी रकम से उन्हें पूरी टीम को भुगतान करना होता है
- अंत में उनके पास बहुत कम बचता है
यही वजह है कि उनके परिवार को भी चिंता होती थी कि वह आगे कैसे कमाएंगे।
क्या बदलना जरूरी है?
इस मुद्दे को देखते हुए कुछ बदलाव जरूरी हैं:
1. Fair Royalty Distribution
क्रिएटर्स को उचित हिस्सा मिलना चाहिए
2. Transparency
कमाई का सही डेटा शेयर होना चाहिए
3. Artists Rights
कलाकारों को अपने गानों पर अधिकार मिलना चाहिए
क्या भविष्य में बदलाव संभव है?
धीरे-धीरे इंडस्ट्री में बदलाव आ रहा है:
- digital platforms का बढ़ता प्रभाव
- artists की जागरूकता बढ़ रही है
- कानूनी सुधार की मांग बढ़ रही है
इससे उम्मीद है कि भविष्य में स्थिति बेहतर होगी।
निष्कर्ष
Amaal Mallik का यह खुलासा भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री की एक बड़ी सच्चाई को उजागर करता है।
एक गाना करोड़ों की कमाई करता है, लेकिन उसके असली क्रिएटर्स को बहुत कम हिस्सा मिलता है।
यह मुद्दा सिर्फ Amaal Mallik का नहीं, बल्कि पूरे इंडस्ट्री का है।
आने वाले समय में अगर इस सिस्टम में सुधार होता है, तो यह कलाकारों के लिए बड़ी जीत होगी।


