भारतीय फिल्म उद्योग में पिछले कुछ वर्षों में महिला-केंद्रित फिल्मों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अब भी इन फिल्मों को पर्याप्त समर्थन नहीं मिलने की शिकायत अक्सर सामने आती रहती है। इसी मुद्दे पर हाल ही में एक बड़ी चर्चा तब छिड़ गई जब फिल्म Bayaan के निर्देशक Bikas Ranjan Mishra ने खुलकर सवाल उठाया।
यह बयान उस समय सामने आया जब फिल्म Bayaan का प्रीमियर Red Lorry Film Festival 2026 के दूसरे दिन आयोजित किया गया। फिल्म के प्रीमियर के बाद आयोजित प्रश्न-उत्तर सत्र में निर्देशक ने फिल्म इंडस्ट्री में महिला-प्रधान कहानियों को मिलने वाले समर्थन पर अपनी चिंता जाहिर की।
प्रीमियर में शामिल हुई फिल्म की टीम
Red Lorry Film Festival के इस खास मौके पर फिल्म की कास्ट और क्रू के कई सदस्य मौजूद थे।
प्रीमियर में शामिल हुए प्रमुख लोगों में शामिल थे:
Bikas Ranjan Mishra
Shiladitya Bora
Madhu Sharma
Sachin Khedekar
Vibhore Mayank
Sampa Mandal
Swati Das
Molshri
हालांकि फिल्म की मुख्य अभिनेत्री और एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर Huma Qureshi इस प्रीमियर में मौजूद नहीं थीं, जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया।
फिल्म की कहानी
Bayaan की कहानी एक बेहद संवेदनशील और गंभीर विषय पर आधारित है।
फिल्म में एक ऐसे कथित धर्मगुरु की कहानी दिखाई गई है जिस पर यौन हिंसा के आरोप लगे हैं।
कहानी का मुख्य केंद्र एक युवा पुलिस अधिकारी है जो इस प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मजबूत कानूनी केस तैयार करने की कोशिश करता है।
फिल्म में दिखाए गए कई घटनाक्रम वास्तविक घटनाओं से प्रेरित बताए जा रहे हैं।
इसी वजह से यह फिल्म काफी चर्चा में है।
जोखिम भरे विषय पर फिल्म बनाने का फैसला
प्रीमियर के बाद हुए Q&A सेशन में दर्शकों ने फिल्म के विषय को लेकर कई सवाल पूछे।
एक दर्शक ने फिल्म निर्माताओं से पूछा कि आज के समय में इतने संवेदनशील और जोखिम भरे विषय पर फिल्म बनाने का फैसला क्यों किया गया।
इस सवाल का जवाब देते हुए निर्माता Shiladitya Bora ने मुस्कुराते हुए कहा कि उन्हें जोखिम लेने में मजा आता है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि उनका करियर ही ऐसे फैसलों पर आधारित रहा है और उन्हें चुनौतीपूर्ण विषयों पर काम करना पसंद है।
उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म बनाते समय कानूनी पहलुओं का पूरा ध्यान रखा गया।
फिल्म की रिलीज योजना
प्रीमियर के दौरान फिल्म की रिलीज को लेकर भी चर्चा हुई।
Shiladitya Bora ने बताया कि फिलहाल फिल्म के वितरण को लेकर कई बड़े प्लेटफॉर्म से बातचीत चल रही है।
उन्होंने कहा कि टीम यह तय करने की कोशिश कर रही है कि फिल्म को सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया जाए या थिएटर में भी रिलीज किया जाए।
जब उन्होंने दर्शकों से पूछा कि फिल्म को थिएटर में रिलीज किया जाना चाहिए या नहीं, तो दर्शकों ने एक साथ “Yes” कहकर समर्थन दिया।
इस प्रतिक्रिया से निर्माता काफी उत्साहित दिखाई दिए।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों में फिल्म दर्शकों के लिए उपलब्ध हो सकती है।
इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म में उत्तरी अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय वितरकों की रुचि दिखाई दी है।
फीमेल-लिड फिल्मों पर निर्देशक का सवाल
कार्यक्रम के दौरान होस्ट ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इस फिल्म को बेच पाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि यह एक फीमेल-लिड फिल्म है जिसमें न गाने हैं और न ही ज्यादा एक्शन।
इस टिप्पणी के जवाब में निर्देशक Bikas Ranjan Mishra ने एक गंभीर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई महिलाएं प्रभावशाली पदों पर हैं, लेकिन फिर भी कुछ महिला-प्रधान कहानियों को पर्याप्त समर्थन क्यों नहीं मिलता।
उन्होंने सवाल करते हुए कहा:
“फिल्म इंडस्ट्री में जब महिलाएं ताकतवर पदों पर हैं, तो फिर ऐसी कहानियों को समर्थन क्यों नहीं मिलता?”
उनका यह बयान फिल्म जगत में नई बहस को जन्म दे सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री में महिला-प्रधान कहानियों की स्थिति
पिछले कुछ वर्षों में बॉलीवुड और अन्य फिल्म उद्योगों में कई महिला-प्रधान फिल्में बनी हैं।
हालांकि अभी भी ऐसी फिल्मों को बड़े बजट और व्यापक प्रचार के मामले में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत कहानी और बेहतरीन अभिनय के बावजूद महिला-केंद्रित फिल्मों को वह व्यावसायिक समर्थन नहीं मिल पाता जो बड़े स्टार वाली फिल्मों को मिलता है।
Bayaan का विषय भी इसी सामाजिक और कानूनी मुद्दे से जुड़ा हुआ है।
दर्शकों की प्रतिक्रिया
Red Lorry Film Festival में फिल्म देखने वाले दर्शकों ने Bayaan की कहानी और विषय की सराहना की।
कई लोगों का मानना है कि ऐसी फिल्मों को बनाना जरूरी है क्योंकि ये समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लाती हैं।
फिल्म के ट्रेलर और कहानी को लेकर भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ती दिखाई दे रही है।
निष्कर्ष
Red Lorry Film Festival 2026 में Bayaan का प्रीमियर सिर्फ एक फिल्म का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इसने फिल्म इंडस्ट्री में महिला-केंद्रित कहानियों को लेकर एक नई चर्चा भी शुरू कर दी है।
निर्देशक Bikas Ranjan Mishra का बयान यह दिखाता है कि आज भी ऐसी फिल्मों को समर्थन मिलने की प्रक्रिया आसान नहीं है।
अब देखना यह होगा कि जब यह फिल्म रिलीज होगी तो दर्शकों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है और क्या यह फिल्म इंडस्ट्री में महिला-प्रधान कहानियों के लिए एक नई दिशा तय कर पाएगी।


