Union Budget 2026-27 को लेकर देशभर के उद्योग जगत में उत्सुकता चरम पर है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करने वाली हैं। यह बजट ऐसे समय में आ रहा है जब वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं बनी हुई हैं और भारत सरकार आत्मनिर्भर भारत और Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
बजट से पहले EV इंडस्ट्री, AI, ऑयल एंड गैस, रियल एस्टेट, बैंकिंग, शिक्षा, हेल्थकेयर और डिजिटल सेक्टर समेत लगभग हर क्षेत्र ने सरकार के सामने अपनी प्राथमिकताएं रखी हैं। खास तौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर को इस बजट से टैक्स और नीति सुधारों की बड़ी उम्मीद है।
EV Industry Budget 2026 Expectations
इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर का मानना है कि भारत में ईवी अपनाने की रफ्तार तेज़ करने के लिए बजट 2026 में फिस्कल और पॉलिसी रिफॉर्म्स बेहद जरूरी हैं। इंडस्ट्री की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
PLI स्कीम (Production Linked Incentive) की समीक्षा
बैटरी टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए R&D इंसेंटिव
EV पर GST में और रियायत
घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए टैक्स बेनिफिट्स
EV सेक्टर का मानना है कि यदि सरकार इन क्षेत्रों में ठोस कदम उठाती है, तो भारत वैश्विक EV मैन्युफैक्चरिंग हब बन सकता है।
India Inc की उम्मीदें: वैश्विक अनिश्चितताओं से सुरक्षा
India Inc और कॉर्पोरेट सेक्टर इस बजट को अमेरिका की टैरिफ नीतियों और वैश्विक मंदी के जोखिमों से निपटने के लिए एक सुरक्षा कवच के रूप में देख रहा है। उद्योग जगत को उम्मीद है कि सरकार ऐसे उपाय लाएगी, जो:
घरेलू मांग को मजबूत करें
निवेश को बढ़ावा दें
निर्यात प्रतिस्पर्धा को बेहतर बनाएं
CII की प्रमुख सिफारिशें
Confederation of Indian Industry (CII) ने बजट 2026-27 के लिए सरकार को कई अहम सुझाव दिए हैं। CII का कहना है कि भारत की स्थिति दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में बनी रहनी चाहिए।
Business Confidence Index में उछाल
CII के अनुसार:
Q3FY26 में Business Confidence Index बढ़कर 66.5 पर पहुंच गया
यह पिछले पांच तिमाहियों का उच्चतम स्तर है
66% कंपनियों ने Q2FY26 में मांग बढ़ने की बात कही
72% कंपनियों को Q3FY26 में और ग्रोथ की उम्मीद है
CII के DG चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि मजबूत घरेलू मांग और सुधारों की वजह से उद्योग वैश्विक दबावों का सामना करने में सक्षम है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस: NIP 2.0 की मांग
CII की सबसे बड़ी मांगों में शामिल है:
₹150 लाख करोड़ का National Infrastructure Pipeline (NIP) 2.0
रेडी-टू-एक्जीक्यूट और रेवेन्यू-जनरेटिंग प्रोजेक्ट्स
विवाद निपटान की प्रक्रिया को तेज़ करना
इसका मकसद सरकारी कैपेक्स के साथ-साथ प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को भी आकर्षित करना है।
इनोवेशन और रिसर्च: AI से बायोटेक तक
इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए CII ने सुझाव दिया है:
10 Centres of Advanced Learning and Research
AI, रोबोटिक्स, क्लीन एनर्जी, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों पर फोकस
पब्लिक-प्राइवेट फंडिंग मॉडल
इसके साथ ही एक India Talent Agency बनाने का प्रस्ताव है, जो:
ग्लोबल टैलेंट
प्रवासी भारतीय शोधकर्ताओं
को भारत में काम करने के लिए आकर्षित करे।
डिजिटल गवर्नेंस और Ease of Doing Business
डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए:
₹1,000 करोड़ का Digitisation Fund
पेपरलेस और प्रेजेंस-लेस सिस्टम
रियल-टाइम डेटा फ्लो
कंप्लायंस को आसान बनाना
CII का मानना है कि इससे Ease of Doing Business में बड़ा सुधार होगा।
ट्रेड और एक्सपोर्ट सुधार
CII ने ट्रेड पॉलिसी के लिए सुझाव दिया:
सरल तीन-स्तरीय टैरिफ स्ट्रक्चर
ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर एकीकरण
एक्सपोर्ट डाइवर्सिफिकेशन
इससे भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
फाइनेंशियल सेक्टर रिफॉर्म्स
वित्तीय क्षेत्र में सुधारों के लिए CII ने कहा:
Development Financial Institutions को मजबूत किया जाए
चुनिंदा NBFCs को बैंक में बदलने की अनुमति
सीमित विदेशी इक्विटी निवेश
नए, मजबूत बैंकों को लाइसेंस
कमजोर संस्थानों का कंसोलिडेशन
साथ ही:
Asset Tokenisation को बढ़ावा
RBI और IFSCA के पायलट प्रोजेक्ट्स का विस्तार
GIFT City में रेगुलेटरी सैंडबॉक्स का विस्तार
निष्कर्ष
Union Budget 2026-27 से उद्योग जगत को बड़ी उम्मीदें हैं। EV सेक्टर से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन, डिजिटल गवर्नेंस और फाइनेंशियल रिफॉर्म्स तक, यह बजट भारत की आर्थिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।
अब सबकी निगाहें 1 फरवरी पर टिकी हैं, जब यह साफ होगा कि सरकार किस हद तक उद्योग की अपेक्षाओं पर खरी उतरती है और Viksit Bharat 2047 की ओर देश को कितनी तेज़ी से आगे बढ़ाती है।
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