IT सेक्टर में हड़कंप, एक दिन में उड़ गए ₹1.3 लाख करोड़
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को IT सेक्टर के निवेशकों को बड़ा झटका लगा। Nifty IT Index में 4% से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे सेक्टर की मार्केट वैल्यू करीब ₹1.3 लाख करोड़ घट गई। इस भारी बिकवाली का सबसे ज्यादा असर दिग्गज IT कंपनियों TCS, Infosys और Wipro पर पड़ा, जिनके शेयर 4% से 5% तक टूट गए।
यह गिरावट सिर्फ एक दिन की कमजोरी नहीं मानी जा रही, बल्कि इसके पीछे AI-ड्रिवन डिसरप्शन, ग्लोबल डिमांड में सुस्ती और अमेरिकी बाजार से जुड़े संकेत जैसी कई बड़ी वजहें हैं।
Nifty IT चार महीने के निचले स्तर पर
गुरुवार के कारोबार में Nifty IT Index चार महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया।
निवेशकों में घबराहट का माहौल इतना ज्यादा था कि दिनभर IT शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली।
प्रमुख शेयरों का हाल:
TCS: करीब 4.5% की गिरावट
Infosys: 5% तक टूटा
Wipro: 4% से ज्यादा गिरावट
HCL Tech और Tech Mahindra: दबाव में
इस गिरावट ने IT सेक्टर की मजबूती को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
AI डिसरप्शन बना सबसे बड़ा डर
IT शेयरों में इस भारी गिरावट की सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है AI-Driven Automation। हाल ही में Anthropic जैसी AI कंपनियों द्वारा पेश किए गए नए ऑटोमेशन टूल्स ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
AI से IT कंपनियों को क्या खतरा?
कोडिंग और टेस्टिंग जैसे काम ऑटोमेट हो रहे हैं
कम मैनपावर में ज्यादा काम संभव
IT सर्विस कंपनियों के रेवेन्यू मॉडल पर दबाव
क्लाइंट्स का खर्च घटने का डर
निवेशकों को आशंका है कि आने वाले समय में बड़े IT सर्विस प्रोवाइडर्स की प्राइसिंग पावर और मार्जिन कमजोर हो सकती है।
अमेरिकी संकेतों ने बढ़ाया दबाव
IT सेक्टर की कमाई का बड़ा हिस्सा अमेरिका और यूरोप से आता है। ऐसे में अमेरिका से आए हालिया आंकड़ों ने भी बाजार की चिंता बढ़ा दी।
US Jobs Data उम्मीद से ज्यादा मजबूत
ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर
डॉलर मजबूत, लेकिन IT खर्च पर दबाव
इससे यह संकेत मिला कि अमेरिकी कंपनियां फिलहाल IT खर्च को लेकर सतर्क रह सकती हैं, जिसका सीधा असर भारतीय IT कंपनियों पर पड़ सकता है।
कमजोर होती मांग और घटता भरोसा
पिछले कुछ तिमाहियों से IT कंपनियां पहले ही:
डील साइनिंग में सुस्ती
क्लाइंट्स द्वारा प्रोजेक्ट टालने
बजट कटौती
जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। AI का बढ़ता दखल इस दबाव को और बढ़ा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि IT सेक्टर का जो “moat” (प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त) माना जाता था, वह अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है।
पैनिक सेलिंग क्यों हुई?
गुरुवार को IT शेयरों में गिरावट सिर्फ खबरों की वजह से नहीं, बल्कि पैनिक सेलिंग की वजह से भी तेज हुई।
इसके कारण:
पहले से बने कमजोर चार्ट
टेक्निकल सपोर्ट टूटना
FII (विदेशी निवेशकों) की बिकवाली
AI से जुड़ी नकारात्मक रिपोर्ट्स
एक बार गिरावट शुरू होने के बाद स्टॉप-लॉस ट्रिगर हुए और बिकवाली और तेज हो गई।
क्या IT सेक्टर का गोल्डन पीरियड खत्म?
इस गिरावट के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या भारतीय IT सेक्टर का गोल्डन पीरियड अब खत्म हो रहा है?
विशेषज्ञों की राय:
शॉर्ट टर्म में दबाव बना रह सकता है
AI से चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन मौके भी
कंपनियों को री-स्किलिंग और AI अडॉप्शन पर फोकस करना होगा
कुछ एक्सपर्ट्स मानते हैं कि IT कंपनियां धीरे-धीरे खुद को AI के अनुसार ढालेंगी, लेकिन इस ट्रांजिशन में समय लगेगा।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
इस तेज गिरावट के बाद निवेशकों के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब आगे क्या रणनीति अपनाई जाए।
निवेशकों के लिए संकेत:
लॉन्ग टर्म निवेशक घबराएं नहीं
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
क्वालिटी IT स्टॉक्स पर नजर रखें
कंपनियों की AI रणनीति को समझें
विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट चेतावनी जरूर है, लेकिन पूरी तरह सेक्टर से बाहर निकलने का संकेत नहीं।
आगे का रास्ता
आने वाले महीनों में IT सेक्टर की दिशा तय होगी:
Q4 और FY26 की गाइडेंस
US और यूरोप की IT डिमांड
AI को अपनाने की रफ्तार
मैनेजमेंट का आउटलुक
अगर कंपनियां AI को खतरे की बजाय अवसर के रूप में अपनाती हैं, तो सेक्टर फिर से संभल सकता है।
निष्कर्ष
गुरुवार को IT शेयरों में आई गिरावट ने साफ कर दिया कि बाजार अब सिर्फ कमाई नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी को भी ध्यान में रखकर प्रतिक्रिया दे रहा है। ₹1.3 लाख करोड़ की वैल्यू का मिटना निवेशकों के लिए एक बड़ा अलर्ट है।
AI डिसरप्शन, ग्लोबल अनिश्चितता और कमजोर मांग—इन सभी ने मिलकर IT सेक्टर को झटका दिया है। हालांकि, लंबी अवधि में तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं कही जा सकती, लेकिन फिलहाल सावधानी ही सबसे बड़ी रणनीति है।


