संजय लीला भंसाली की फिल्मों की भव्यता पर बोले करण जौहर
बॉलीवुड के मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर ने हाल ही में निर्देशक संजय लीला भंसाली की जमकर तारीफ की है। अपने एक इंटरव्यू के दौरान करण जौहर ने भंसाली की फिल्मों की विजुअल अपील, कॉस्ट्यूम डिज़ाइन और एस्थेटिक सेंस को लेकर खुलकर बात की और उन्हें हिंदी सिनेमा की सबसे प्रभावशाली “Aesthetic Voice” करार दिया।
- संजय लीला भंसाली की फिल्मों की भव्यता पर बोले करण जौहर
- कॉस्ट्यूम डिज़ाइन ने किया करण जौहर को प्रभावित
- ‘Aesthetic Voice’ क्यों हैं संजय लीला भंसाली?
- भंसाली सिनेमा: जहां विजुअल्स कहानी बोलते हैं
- Devdas से Gangubai Kathiawadi तक का सफर
- करण जौहर और भंसाली: दो अलग लेकिन प्रभावशाली सोच
- भंसाली का आने वाला प्रोजेक्ट: Love and War
करण जौहर का यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब संजय लीला भंसाली लगातार अपनी भव्य फिल्मों और अनोखे विजुअल स्टाइल के लिए चर्चा में बने हुए हैं।
कॉस्ट्यूम डिज़ाइन ने किया करण जौहर को प्रभावित
इंटरव्यू के दौरान जब करण जौहर से पूछा गया कि उन्होंने हाल ही में क्या ऐसा देखा, जिसने उन्हें खासतौर पर कॉस्ट्यूम डिज़ाइन के मामले में प्रभावित किया, तो उन्होंने बिना देर किए संजय लीला भंसाली का नाम लिया।
करण जौहर ने कहा,
“हमेशा भंसाली का काम। उनकी हर फिल्म में कॉस्ट्यूम्स कमाल के होते हैं।”
उनका यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि भंसाली की फिल्मों में परिधानों की भूमिका सिर्फ साज-सज्जा तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह कहानी का अहम हिस्सा बन जाती है।
‘Aesthetic Voice’ क्यों हैं संजय लीला भंसाली?
करण जौहर ने आगे कहा कि संजय लीला भंसाली उन फिल्मकारों में से हैं, जिन्हें वह बेहद सम्मान की नजर से देखते हैं। उन्होंने कहा,
“मुझे लगता है कि वह उन फिल्ममेकर्स में से हैं, जिन्हें मैं वास्तव में एक सबसे मजबूत एस्थेटिक वॉइस मानता हूं।”
करण के मुताबिक, भंसाली की हर फिल्म एक विजुअल एक्सपीरियंस होती है, जहां सेट, कॉस्ट्यूम, रंग और कैमरा—सब कुछ मिलकर एक अलग ही दुनिया रच देते हैं।
भंसाली सिनेमा: जहां विजुअल्स कहानी बोलते हैं
संजय लीला भंसाली को हिंदी सिनेमा में उनकी सिग्नेचर स्टाइल फिल्ममेकिंग के लिए जाना जाता है। उनकी फिल्मों में:
भव्य सेट डिज़ाइन
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिधानों की बारीकियां
रंगों का सटीक उपयोग
भव्य कोरियोग्राफी और फ्रेमिंग
देखने को मिलती है। भंसाली के लिए विजुअल सिर्फ सजावट नहीं, बल्कि कहानी कहने का एक मजबूत माध्यम होते हैं।
Devdas से Gangubai Kathiawadi तक का सफर
भंसाली की कई फिल्में अपने कॉस्ट्यूम डिज़ाइन और पीरियड स्टाइलिंग के लिए याद की जाती हैं।
Devdas
इस फिल्म में ऐश्वर्या राय और माधुरी दीक्षित के परिधान आज भी आइकॉनिक माने जाते हैं। हर साड़ी और ज्वेलरी उस दौर की भावनाओं को दर्शाती है।
Bajirao Mastani
दीपिका पादुकोण का मस्तानी लुक, भारी ज्वेलरी और पारंपरिक परिधान, फिल्म की भव्यता को और ऊंचाई पर ले जाते हैं।
Padmaavat
इस फिल्म में ऐतिहासिक कॉस्ट्यूम्स और सेट डिज़ाइन ने भंसाली के विज़न को पूरी तरह साकार किया।
Gangubai Kathiawadi
जहां भंसाली ने भव्यता के बजाय सादगी में भी एस्थेटिक दिखाया। आलिया भट्ट की सफेद साड़ियां और सिंपल लुक किरदार की ताकत को दर्शाते हैं।
करण जौहर और भंसाली: दो अलग लेकिन प्रभावशाली सोच
करण जौहर और संजय लीला भंसाली दोनों ही अपने-अपने स्टाइल के लिए जाने जाते हैं। जहां करण जौहर मॉडर्न रोमांस और ग्लैमर के लिए पहचाने जाते हैं, वहीं भंसाली ऐतिहासिक और क्लासिकल सिनेमा के मास्टर माने जाते हैं।
इसके बावजूद, करण जौहर द्वारा भंसाली की खुले दिल से तारीफ करना यह दिखाता है कि इंडस्ट्री में उनके काम के प्रति कितना सम्मान है।
भंसाली का आने वाला प्रोजेक्ट: Love and War
वर्क फ्रंट की बात करें तो संजय लीला भंसाली इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म Love and War पर काम कर रहे हैं।
फिल्म की खास बातें:
स्टारकास्ट: रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, विक्की कौशल
निर्देशन: संजय लीला भंसाली
जॉनर: रोमांटिक ड्रामा
फिल्म को लेकर पहले से ही जबरदस्त चर्चा है, खासकर इसकी स्टारकास्ट और भंसाली के विजुअल ट्रीटमेंट को लेकर।
फैंस को क्यों है Love and War से इतनी उम्मीदें?
संजय लीला भंसाली का निर्देशन
रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की जोड़ी
विक्की कौशल का दमदार रोल
भव्य सेट्स और शानदार कॉस्ट्यूम डिज़ाइन
फैंस को उम्मीद है कि यह फिल्म भी भंसाली की पिछली फिल्मों की तरह विजुअली यादगार होगी।
हिंदी सिनेमा में भंसाली की खास पहचान
करण जौहर के बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि संजय लीला भंसाली सिर्फ एक निर्देशक नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा की एक एस्थेटिक पहचान हैं। उनकी फिल्मों में हर फ्रेम, हर कॉस्ट्यूम और हर रंग का एक मतलब होता है।
निष्कर्ष
करण जौहर द्वारा संजय लीला भंसाली को “Aesthetic Voice” कहना न सिर्फ एक तारीफ है, बल्कि भंसाली के वर्षों के विज़ुअल सिनेमा की पहचान भी है। चाहे Devdas की भव्यता हो या Gangubai Kathiawadi की सादगी—भंसाली हर बार यह साबित करते हैं कि सिनेमा एक कला है।
अब दर्शकों की नजरें उनकी आने वाली फिल्म Love and War पर टिकी हैं, जिससे एक बार फिर वही विजुअल जादू देखने की उम्मीद की जा रही है।


