नए साल 2026 के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुआ। गुरुवार को जहां बीएसई सेंसेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ, वहीं एनएसई निफ्टी 50 मामूली बढ़त दर्ज कर 26,100 के अहम स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहा।
दिनभर के कारोबार में बाजार पर दो प्रमुख फैक्टर हावी रहे—
एक तरफ आईटी शेयरों में मजबूती, तो दूसरी ओर सरकार द्वारा सिगरेट पर नए टैक्स की घोषणा के बाद ITC शेयर में गिरावट।
Sensex और Nifty का क्लोजिंग हाल
कारोबार के अंत में
BSE Sensex 32 अंक या 0.04% की गिरावट के साथ 85,188.60 पर बंद हुआ।
NSE Nifty 50 17 अंक या 0.06% की बढ़त के साथ 26,146.55 पर क्लोज हुआ।
हालांकि उतार-चढ़ाव सीमित रहा, लेकिन बाजार की चाल ने यह साफ कर दिया कि निवेशक अभी नए ट्रिगर्स का इंतजार कर रहे हैं।
IT शेयरों की मजबूती बनी सहारा
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर बाजार के लिए सबसे बड़ा सपोर्ट बना।
इन्फोसिस, टीसीएस, विप्रो और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
आईटी शेयरों में तेजी के पीछे मुख्य कारण रहे:
डॉलर में मजबूती
अमेरिकी बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत
ग्लोबल आईटी डिमांड को लेकर स्थिर आउटलुक
आईटी इंडेक्स में आई इस तेजी ने सेंसेक्स और निफ्टी को बड़ी गिरावट से बचा लिया।
ITC पर टैक्स की मार, शेयर दबाव में
दूसरी ओर, ITC के शेयरों में भारी दबाव देखने को मिला। सरकार द्वारा सिगरेट पर नए टैक्स की घोषणा के बाद ITC के शेयर फिसल गए।
निवेशकों को चिंता है कि:
टैक्स बढ़ने से सिगरेट बिजनेस की मार्जिन पर असर पड़ेगा
वॉल्यूम ग्रोथ धीमी हो सकती है
निकट भविष्य में प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव रहेगा
ITC की गिरावट ने खासतौर पर FMCG सेक्टर को कमजोर किया और सेंसेक्स पर नकारात्मक असर डाला।
सेक्टर वाइज परफॉर्मेंस
अगर सेक्टरल इंडेक्स की बात करें तो तस्वीर मिली-जुली रही:
बढ़त वाले सेक्टर
IT
टेक्नोलॉजी
रियल्टी (हल्की तेजी)
दबाव वाले सेक्टर
FMCG
कंज्यूमर गुड्स
फार्मा (सीमित कमजोरी)
बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला।
मार्केट ब्रेड्थ और निवेशकों की रणनीति
आज बाजार की ब्रेड्थ संतुलित रही।
बीएसई पर लगभग बराबर संख्या में शेयर बढ़त और गिरावट के साथ बंद हुए, जो यह दर्शाता है कि निवेशक फिलहाल स्टॉक-स्पेसिफिक अप्रोच अपना रहे हैं।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक:
निफ्टी का 26,000–26,100 जोन मजबूत सपोर्ट बना हुआ है
ऊपर की ओर 26,300–26,400 पर रेजिस्टेंस देखा जा सकता है
ग्लोबल संकेतों का असर
ग्लोबल मार्केट्स से मिले-जुले संकेतों का असर भी भारतीय बाजार पर दिखा।
अमेरिकी बाजारों में सीमित तेजी
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता
इन सभी फैक्टर्स ने बाजार को रेंज-बाउंड बनाए रखा।
आगे बाजार से क्या उम्मीद?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा इन फैक्टर्स पर निर्भर करेगी:
ग्लोबल इकॉनॉमिक डेटा
आईटी कंपनियों के तिमाही नतीजे
सरकारी नीतियां और टैक्स फैसले
FIIs और DIIs की ट्रेडिंग एक्टिविटी
फिलहाल, बाजार में कंसोलिडेशन फेज जारी रहने की संभावना है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
लॉन्ग टर्म निवेशक घबराएं नहीं
IT सेक्टर में मजबूती बनी रह सकती है
FMCG शेयरों में फिलहाल सतर्कता जरूरी
गिरावट पर क्वालिटी स्टॉक्स में खरीदारी की रणनीति बेहतर हो सकती है


