Parasakthi Trailer: आज़ादी के बाद के तमिलनाडु की सियासत पर आधारित दमदार कहानी
डायरेक्टर Sudha Kongara की बहुप्रतीक्षित पीरियड पॉलिटिकल एक्शन ड्रामा Parasakthi का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज होते ही सोशल मीडिया और सिनेमा प्रेमियों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। Sivakarthikeyan के करियर की यह सबसे अलग और गंभीर फिल्मों में से एक मानी जा रही है। ट्रेलर साफ तौर पर यह संकेत देता है कि फिल्म सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इतिहास, राजनीति और सामाजिक संघर्ष को भी मजबूती से दर्शाती है।
3 मिनट 17 सेकंड का यह ट्रेलर दर्शकों को 1960 के दशक में ले जाता है, जब आज़ादी के बाद के वर्षों में तमिलनाडु में हिंदी थोपे जाने के खिलाफ आंदोलन पूरे उफान पर था।
1964 से शुरू होती है कहानी
ट्रेलर की शुरुआत 1964 से होती है, जहां Sivakarthikeyan और Atharvaa के किरदार एक साधारण, शांत और सामान्य जिंदगी जीते नजर आते हैं। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता है, लेकिन जैसे ही केंद्र सरकार द्वारा हिंदी को एकमात्र राष्ट्रीय भाषा बनाने का कानून पास किया जाता है, हालात तेजी से बदलने लगते हैं।
यहीं से फिल्म राजनीतिक उथल-पुथल और आम आदमी की जिंदगी पर पड़ने वाले असर को दिखाने लगती है।
Sivakarthikeyan और Ravi Mohan आमने-सामने
Parasakthi ट्रेलर की सबसे बड़ी खासियत है Sivakarthikeyan और Ravi Mohan (Jayam Ravi) के किरदारों के बीच टकराव।
Ravi Mohan आंदोलन और क्रांति के पक्ष में मजबूती से खड़े नजर आते हैं
वहीं Sivakarthikeyan का किरदार शुरुआत में राजनीति से दूर रहता है
Sivakarthikeyan फिल्म में रेलवे कर्मचारी की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपने काम और निजी जीवन में उलझा हुआ है। उसे राजनीति से कोई लेना-देना नहीं, लेकिन परिस्थितियां उसे फैसला लेने पर मजबूर कर देती हैं।
हिंदी सीखना या विरोध करना – अंदरूनी संघर्ष
कहानी में दिलचस्प मोड़ तब आता है जब Sivakarthikeyan का किरदार अपने काम की मजबूरी के चलते हिंदी सीखने का फैसला करता है। वह Sreeleela, जो एक रेडियो स्टेशन में काम करती है, से हिंदी सिखाने की गुजारिश करता है।
यहीं से फिल्म में एक नरम प्रेम कहानी भी शुरू होती है। दोनों के बीच धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ती हैं, लेकिन बाहर सड़कों पर आंदोलन और विरोध और तेज होता जाता है।
प्रेम और राजनीति के बीच फंसा नायक
Parasakthi सिर्फ एक राजनीतिक फिल्म नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे आम इंसान की कहानी है जो:
अपने करियर की मजबूरियों
निजी रिश्तों
और सामाजिक दबावों
के बीच फंसा हुआ है। ट्रेलर में Sivakarthikeyan के चेहरे पर दिखता अंतर्द्वंद्व फिल्म की आत्मा को दर्शाता है।
Sudha Kongara का सशक्त निर्देशन
Sudha Kongara इससे पहले Soorarai Pottru जैसी दमदार फिल्म दे चुकी हैं। Parasakthi के ट्रेलर से साफ है कि उन्होंने इस बार भी:
मजबूत रिसर्च
वास्तविक घटनाओं से प्रेरित कहानी
और इमोशनल डेप्थ
पर खास ध्यान दिया है। फिल्म का टोन गंभीर है, लेकिन कहीं भी उपदेशात्मक नहीं लगता।
बैकग्राउंड स्कोर और विजुअल्स
ट्रेलर का बैकग्राउंड स्कोर फिल्म की गंभीरता को और प्रभावी बनाता है।
विरोध प्रदर्शन के दृश्य
पुलिस की कार्रवाई
और आम जनता का आक्रोश
सब कुछ बेहद रियल और प्रभावशाली नजर आता है। सिनेमैटोग्राफी उस दौर के माहौल को बखूबी दर्शाती है।
Parasakthi Release Date
Parasakthi अपने वर्ल्डवाइड रिलीज से सिर्फ एक हफ्ते दूर है। मेकर्स ने प्रमोशन तेज कर दिया है और उम्मीद की जा रही है कि फिल्म रिलीज के साथ ही राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का केंद्र बनेगी।
क्यों खास है Parasakthi?
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हिंदी विरोध आंदोलन की अनकही कहानियां
Sivakarthikeyan का अब तक का सबसे अलग किरदार
राजनीति और प्रेम का संतुलन
Sudha Kongara का मजबूत निर्देशन
SamayPenews View
Parasakthi ट्रेलर यह साफ करता है कि फिल्म सिर्फ एक पीरियड ड्रामा नहीं, बल्कि पहचान, भाषा और आत्मसम्मान की कहानी है। Sivakarthikeyan का किरदार उन लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करता है जो राजनीति से दूर रहना चाहते हैं, लेकिन हालात उन्हें खड़ा होने पर मजबूर कर देते हैं।
यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी कि भाषा सिर्फ संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान और स्वाभिमान से जुड़ा विषय है।


