AI-Driven Inflation: 2026 में बाजार की सबसे बड़ी अनदेखी चुनौती?
साल 2026 की शुरुआत में वैश्विक शेयर बाजार AI (Artificial Intelligence) की जबरदस्त तेजी के सहारे नई ऊंचाइयों पर पहुंच चुके हैं। अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक, निवेशक AI आधारित कंपनियों में पैसा लगाने को लेकर बेहद उत्साहित नजर आ रहे हैं। लेकिन इसी जोश के बीच कई अनुभवी निवेशक और फंड मैनेजर एक ऐसे खतरे की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसे बाजार फिलहाल नजरअंदाज कर रहा है — AI-driven inflation यानी एआई निवेश से पैदा होने वाली महंगाई।
- AI-Driven Inflation: 2026 में बाजार की सबसे बड़ी अनदेखी चुनौती?
- 2025 में रिकॉर्ड तोड़ तेजी, AI बना सबसे बड़ा कारण
- बॉन्ड मार्केट को भी मिला सहारा
- 2026 में ग्रोथ का नया इंजन – सरकारें और AI
- निवेशक क्यों डरे हुए हैं?
- ब्याज दरें बढ़ीं तो AI शेयरों पर ब्रेक
- निवेशकों की राय
- 2026 में निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
निवेशकों का मानना है कि अगर यह खतरा नजरअंदाज किया गया, तो 2026 के अंत तक शेयर बाजारों की यह चमक फीकी पड़ सकती है।
2025 में रिकॉर्ड तोड़ तेजी, AI बना सबसे बड़ा कारण
अमेरिकी शेयर बाजारों ने 2025 में डबल डिजिट रिटर्न दिया और नए रिकॉर्ड बनाए।
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US Stock Indexes में इस साल की कुल कमाई का लगभग 50% हिस्सा सिर्फ 7 टेक्नोलॉजी सेक्टर कंपनियों से आया।
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AI को लेकर निवेशकों की दीवानगी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने बाजार को और हवा दी।
इसी ट्रेंड का असर यूरोप और एशिया के शेयर बाजारों में भी दिखा, जहां कई इंडेक्स ने अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर छुए।
बॉन्ड मार्केट को भी मिला सहारा
AI और महंगाई के घटते आंकड़ों के चलते:
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अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड्स ने पिछले 5 साल का सबसे अच्छा प्रदर्शन दिया
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निवेशकों को उम्मीद रही कि महंगाई काबू में रहेगी और Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती जारी रखेगा
हालांकि, सच्चाई यह है कि अमेरिका में महंगाई अभी भी Fed के 2% टारगेट से ऊपर बनी हुई है।
2026 में ग्रोथ का नया इंजन – सरकारें और AI
2026 के लिए तस्वीर और भी दिलचस्प है।
विशेषज्ञों के मुताबिक:
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अमेरिका, यूरोप और जापान में सरकारी प्रोत्साहन पैकेज (Stimulus)
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और AI सेक्टर में लगातार बढ़ता निवेश
दुनिया की आर्थिक ग्रोथ को फिर से तेज कर सकता है।
लेकिन यही ग्रोथ, अगर काबू में न रही, तो महंगाई को दोबारा हवा दे सकती है।
निवेशक क्यों डरे हुए हैं?
कई मनी मैनेजर्स अब इस बात को लेकर चिंतित हैं कि:
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AI डेटा सेंटर्स
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हाई-एंड चिप्स
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एनर्जी की बढ़ती मांग
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और स्किल्ड वर्कफोर्स की कमी
इन सभी वजहों से लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा।
इस स्थिति में:
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सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में कटौती रोक सकते हैं
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या फिर दोबारा दरें बढ़ाने का फैसला ले सकते हैं
जो शेयर बाजार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।
ब्याज दरें बढ़ीं तो AI शेयरों पर ब्रेक
AI सेक्टर में ज्यादातर कंपनियों का वैल्यूएशन भविष्य की कमाई पर टिका होता है।
अगर:
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ब्याज दरें बढ़ती हैं
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सस्ता पैसा बंद होता है
तो निवेशक हाई-वैल्यूएशन शेयरों से पैसा निकाल सकते हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि AI बबल को फोड़ने वाली सुई महंगाई ही बन सकती है।
निवेशकों की राय
Royal London Asset Management के मल्टी-एसेट हेड Trevor Greetham ने साफ कहा:
“AI बबल को फोड़ने के लिए सिर्फ एक चीज काफी है और वो है सख्त मौद्रिक नीति।
अगर महंगाई बढ़ी, तो आसान पैसा बंद होगा और बाजार को झटका लगेगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि:
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फिलहाल वे बड़े टेक शेयरों में बने हुए हैं
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लेकिन 2026 के अंत तक दुनियाभर में महंगाई के तेज उछाल से वे हैरान नहीं होंगे।
2026 में निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए?
महंगाई के आंकड़े
सेंट्रल बैंकों की नीति
AI कंपनियों का कैपेक्स खर्च
ऊर्जा और कच्चे माल की कीमतें
सरकारी प्रोत्साहन योजनाएं
अगर ये सभी फैक्टर एक साथ दबाव बनाते हैं, तो बाजार की दिशा अचानक बदल सकती है।
क्या दोहराया जाएगा 2022 जैसा सीन?
कुछ निवेशकों को डर है कि:
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2022 की तरह
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अचानक महंगाई बढ़ने
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और ब्याज दरों में तेजी
से बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल सकती है।
हालांकि, फिलहाल माहौल सकारात्मक है, लेकिन अत्यधिक आत्मविश्वास बाजार के लिए खतरनाक हो सकता है।
SamayPenews Analysis
AI निश्चित रूप से भविष्य की तकनीक है, लेकिन हर टेक्नोलॉजी बूम के साथ जोखिम भी आता है। 2026 में अगर:
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निवेश
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सरकारी खर्च
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और मांग
तीनों एक साथ तेज हुए, तो महंगाई को काबू में रखना आसान नहीं होगा।
निवेशकों के लिए जरूरी है कि:
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सिर्फ AI उत्साह के भरोसे न रहें
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पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखें
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और महंगाई से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज न करें
क्योंकि बाजार में सबसे बड़ा खतरा वही होता है, जिसे सब नजरअंदाज कर रहे हों।
