फिल्म इंडस्ट्री में सफलता जितनी चमकदार दिखती है, उसके पीछे उतनी ही संघर्ष और दर्द की कहानियां भी छिपी होती हैं। ऐसी ही एक दिल छू लेने वाली कहानी सामने आई है Ansiba Hassan की, जिन्होंने हाल ही में अपने करियर के सबसे बड़े “heartbreak” के बारे में खुलकर बात की।
यह कहानी सिर्फ एक रोल खोने की नहीं है, बल्कि उस मौके की है जो उनकी जिंदगी और करियर को पूरी तरह बदल सकता था।
2013: एक साल, दो कहानियां
साल 2013, Ansiba Hassan के करियर के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
इसी साल उन्होंने Drishyam में काम किया, जिसमें उनके साथ Mohanlal और Meena नजर आए।
इस फिल्म में उन्होंने बड़ी बेटी का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स ने काफी पसंद किया।
यह फिल्म उनके करियर के लिए एक बड़ा ब्रेक साबित हुई।
लेकिन इसी साल उनके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसे वह आज तक भूल नहीं पाईं।
‘PK Rosy’ का रोल – एक सपना जो टूट गया
Ansiba Hassan को मशहूर डायरेक्टर Kamal की फिल्म Celluloid में PK Rosy का किरदार मिलने वाला था।
यह किरदार बेहद खास था क्योंकि:
- PK Rosy को मलयालम सिनेमा की पहली अभिनेत्री माना जाता है
- यह रोल एक ऐतिहासिक और भावनात्मक कहानी से जुड़ा था
- फिल्म में मुख्य भूमिका Prithviraj Sukumaran निभा रहे थे
Ansiba ने बताया कि उन्होंने:
- ऑडिशन दिया
- लुक टेस्ट पास किया
- स्क्रीन टेस्ट भी पूरा किया
और उन्हें ऑफिशियली इस रोल के लिए चुन लिया गया था
लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था…
आखिरी समय में सब बदल गया
फिल्म की शूटिंग शुरू होने से सिर्फ एक हफ्ते पहले, डायरेक्टर Kamal ने एक रियलिटी शो में एक नई अभिनेत्री Chandni Geetha को देखा।
उन्हें लगा कि Chandni इस किरदार के लिए ज्यादा फिट हैं।
इसके बाद एक नया लुक टेस्ट हुआ
और अचानक Ansiba को इस रोल से हटा दिया गया
यह फैसला उनके लिए पूरी तरह से अप्रत्याशित था।
“मैं टूट गई थी…” – Ansiba का दर्द
Ansiba Hassan ने अपने इंटरव्यू में बताया:
“मैंने सभी को बता दिया था कि मुझे यह रोल मिल गया है… और मैं Prithviraj के साथ काम करने वाली हूं। लेकिन अचानक सब कुछ छिन गया।”
उन्होंने कहा कि इस खबर के बाद:
- वह पूरे दिन अपने कमरे में बंद रहीं
- किसी से बात नहीं की
- परिवार को भी तुरंत नहीं बताया
यह उनके करियर का सबसे बड़ा emotional setback था
फिल्म देखने से भी कर दिया था इंकार
जब Celluloid रिलीज हुई, तब भी Ansiba इस दर्द से बाहर नहीं निकल पाईं थीं।
उन्होंने साफ कहा:
“मैं फिल्म देखने तक नहीं गई… मेरे परिवार ने मुझे जबरदस्ती ले गया।”
यहां तक कि आज भी जब वह फिल्म का गाना
“Enundodi Ambili Chantham” देखती हैं, तो उन्हें वही ख्याल आता है—
“यह रोल मुझे करना था…”
Celluloid: एक ऐतिहासिक फिल्म
फिल्म Celluloid मलयालम सिनेमा के जनक J. C. Daniel की जिंदगी पर आधारित थी।
इसमें दिखाया गया था:
- पहली मलयालम फिल्म Vigathakumaran (1928) का निर्माण
- और PK Rosy की दर्दनाक कहानी
PK Rosy को उस समय समाज के भेदभाव का सामना करना पड़ा था, क्योंकि वह एक निम्न जाति से थीं और उन्होंने एक उच्च वर्ग की महिला का किरदार निभाया था।
यह कहानी भारतीय सिनेमा के इतिहास का एक अहम हिस्सा है।
Chandni Geetha को मिली तारीफ
हालांकि यह रोल Chandni Geetha को मिला, और उन्होंने इस किरदार को शानदार तरीके से निभाया।
उन्हें:
- दर्शकों से खूब सराहना मिली
- क्रिटिक्स ने भी उनके प्रदर्शन की तारीफ की
लेकिन Ansiba के लिए यह हमेशा एक “क्या होता अगर…” वाला सवाल बनकर रह गया।
इंडस्ट्री का कड़वा सच
Ansiba Hassan की यह कहानी फिल्म इंडस्ट्री की एक सच्चाई को उजागर करती है:
- यहां मौके आखिरी समय में भी छिन सकते हैं
- टैलेंट के साथ-साथ टाइमिंग और किस्मत भी जरूरी है
- हर एक्टर को rejection का सामना करना पड़ता है
लेकिन यही अनुभव उन्हें और मजबूत भी बनाता है
Drishyam से मिली नई पहचान
हालांकि PK Rosy का रोल खोना एक बड़ा झटका था, लेकिन Drishyam ने Ansiba के करियर को नई दिशा दी।
इस फिल्म के बाद:
- उन्हें ज्यादा फिल्म ऑफर्स मिलने लगे
- इंडस्ट्री में उनकी पहचान बनी
- उन्होंने अपने टैलेंट से खुद को साबित किया
क्या सीख मिलती है?
Ansiba Hassan की कहानी से हमें कई बातें सीखने को मिलती हैं:
- हर सफलता के पीछे संघर्ष होता है
- असफलता हमेशा अंत नहीं होती
- सही मौका कभी भी मिल सकता है
- धैर्य और मेहनत सबसे बड़ी ताकत है
निष्कर्ष
Ansiba Hassan का PK Rosy रोल खोना सिर्फ एक फिल्मी घटना नहीं है, बल्कि यह उस संघर्ष की कहानी है जिससे हर कलाकार गुजरता है।
एक तरफ “Drishyam” से मिली सफलता
दूसरी तरफ “Celluloid” का खोया मौका
यह दोनों मिलकर उनके करियर की एक भावनात्मक कहानी बनाते हैं।
आज भी यह घटना उनके दिल में कहीं न कहीं जिंदा है, लेकिन यही अनुभव उन्हें और मजबूत बनाता है।


