Coforge का बड़ा दांव: AI कंपनी Encora का $2.35 बिलियन में अधिग्रहण, बनेगी भारत की 7वीं सबसे बड़ी IT फर्म

AI रेस में आगे निकलने की तैयारी, Coforge का अब तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण

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Coforge–Encora डील से भारतीय IT सेक्टर में AI को मिलेगा बड़ा बूस्टCoforge Encora डील

Coforge का बड़ा अधिग्रहण: AI क्षमताओं को मिलेगी नई रफ्तार

भारतीय आईटी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चल रही रेस के बीच Coforge ने अब तक का सबसे बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने AI और डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Encora को $2.35 बिलियन (करीब ₹21,000 करोड़) के एंटरप्राइज वैल्यू पर अधिग्रहित करने का ऐलान किया है। इस डील से Coforge की AI क्षमताएं मजबूत होंगी और अमेरिका व लैटिन अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में उसकी मौजूदगी और बढ़ेगी।

क्यों खास है Coforge–Encora डील?

IT इंडस्ट्री में AI आधारित प्रोजेक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है। बड़े क्लाइंट्स अब सिर्फ सॉफ्टवेयर सर्विस नहीं, बल्कि AI-ड्रिवन सॉल्यूशंस, डेटा इंजीनियरिंग और क्लाउड प्रोडक्ट्स चाहते हैं। इसी जरूरत को देखते हुए Coforge ने Encora का अधिग्रहण करने का फैसला लिया है।

Encora, जो कि Advent International और Warburg Pincus समर्थित कंपनी है, प्रोडक्ट इंजीनियरिंग, क्लाउड और डेटा-AI सॉल्यूशंस में मजबूत पकड़ रखती है।

डील की पूरी वित्तीय जानकारी

  • एंटरप्राइज वैल्यू: $2.35 बिलियन

  • इक्विटी वैल्यू: $1.89 बिलियन

  • Encora शेयरहोल्डर्स को हिस्सेदारी: Coforge में 20%

  • डील क्लोजिंग: 4 से 6 महीनों में संभावित

  • EPS प्रभाव: FY 2027 तक EPS accretive

Coforge इस डील को फंड करने के लिए ₹1,815.91 प्रति शेयर की कीमत पर प्रेफरेंस शेयर जारी करेगा, जो शुक्रवार के क्लोजिंग प्राइस से करीब 14.5% प्रीमियम पर है।

AI से खुलेगा नया रेवेन्यू रास्ता

Coforge का अनुमान है कि Encora के साथ मिलकर कंपनी मार्च 2027 तक $2 बिलियन सालाना रेवेन्यू हासिल कर सकती है। मर्जर के बाद संयुक्त कंपनी का EBIT मार्जिन करीब 14% रहने की उम्मीद है, जो मौजूदा IT इंडस्ट्री के लिहाज से मजबूत माना जा रहा है।

अमेरिका और लैटिन अमेरिका में मजबूत पकड़

Coforge की कुल आय का करीब 58% हिस्सा उत्तर और दक्षिण अमेरिका से आता है। Encora के अधिग्रहण से कंपनी को:

  • अमेरिका के West और Midwest क्षेत्रों में मजबूती

  • लैटिन अमेरिका में 3,100 से ज्यादा टेक प्रोफेशनल्स तक पहुंच

  • ऑनशोर-नियरशोर डिलीवरी मॉडल का फायदा

मिलेगा, जिससे बड़े ग्लोबल क्लाइंट्स को बेहतर सर्विस दी जा सकेगी।

IT सेक्टर में बदलेगा पावर बैलेंस?

टेक एडवाइजरी फर्म EIIR Trend के फाउंडर Pareekh Jain के मुताबिक, इस मर्जर से Coforge भारत की 7वीं सबसे बड़ी IT कंपनी बन सकती है। इससे कंपनी Persistent, Mphasis और Hexaware जैसी कंपनियों को पीछे छोड़ देगी।

यह डील साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में मिड-कैप IT कंपनियां भी बड़े AI दांव खेलने से पीछे नहीं हटेंगी।

Coforge और Encora का वित्तीय प्रदर्शन

Coforge:

  • FY 2025 रेवेन्यू: ₹120.51 अरब

  • सालाना ग्रोथ: 32%

Encora:

  • वार्षिक टर्नओवर: $516 मिलियन

  • फोकस: AI, क्लाउड, डेटा इंजीनियरिंग

कर्ज और फंडिंग की रणनीति

Encora की मौजूदा देनदारियों को चुकाने के लिए Coforge:

  • $550 मिलियन तक फंड जुटाएगी

  • विकल्प: ब्रिज लोन या Qualified Institutional Placement (QIP)

इससे बैलेंस शीट पर दबाव सीमित रखने की कोशिश की जाएगी।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

  • AI से जुड़े बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स की संभावना

  • लॉन्ग-टर्म ग्रोथ विजिबिलिटी बेहतर

  • शॉर्ट टर्म में शेयर में उतार-चढ़ाव संभव

  • FY 2027 के बाद मजबूत अर्निंग सपोर्ट

निष्कर्ष

Coforge-Encora डील भारतीय IT सेक्टर में AI युग की दिशा को साफ तौर पर दिखाती है। यह सिर्फ एक अधिग्रहण नहीं, बल्कि भविष्य की टेक्नोलॉजी पर लगाया गया बड़ा दांव है। अगर इंटीग्रेशन सही रहा, तो Coforge आने वाले वर्षों में मिड-कैप से लार्ज-कैप IT प्लेयर बनने की ओर तेज़ी से बढ़ सकती है।

SamaypeNews आगे भी आपको ऐसे ही बड़े बिजनेस और टेक अपडेट्स सबसे पहले देता रहेगा।

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