आजकल OTT प्लेटफॉर्म पर कंटेंट की भरमार है, लेकिन कुछ ही शोज ऐसे होते हैं जो नई कहानी, दमदार एक्टिंग और एंटरटेनमेंट का सही बैलेंस बना पाते हैं। ऐसी ही एक वेब सीरीज है “GLORY”, जो बॉक्सिंग, फैमिली ड्रामा और मिस्ट्री का एक दिलचस्प मिश्रण पेश करती है।
इस सीरीज में Pulkit Samrat, Divyenndu और Suvinder Vicky जैसे कलाकार नजर आते हैं, जो अपनी दमदार परफॉर्मेंस से कहानी को मजबूती देते हैं।
कहानी: बॉक्सिंग रिंग से बाहर की लड़ाई
“GLORY” की कहानी सिर्फ बॉक्सिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार, रिश्तों और बदले की भावना को भी गहराई से दिखाती है।
कहानी की शुरुआत होती है निहाल सिंह से, जो एक उभरता हुआ बॉक्सर है। वह अपने कोच रघुबीर सिंह के अंडर ट्रेनिंग लेता है। लेकिन कहानी तब बड़ा मोड़ लेती है जब निहाल और रघुबीर की बेटी गुड़िया पर हमला हो जाता है।
इस हमले में:
- निहाल की मौत हो जाती है
- गुड़िया गंभीर हालत में पहुंच जाती है
यहीं से शुरू होती है बदले की कहानी, जिसमें गुड़िया के भाई—रविंदर और देवेंद्र—सच्चाई खोजने निकलते हैं।
कहानी में कई संदिग्ध सामने आते हैं, जिससे मिस्ट्री और गहरी होती जाती है।
क्या बनाता है GLORY को खास?
“GLORY” की सबसे बड़ी ताकत इसका जॉनर ब्लेंड है।
बॉक्सिंग स्पोर्ट्स
फैमिली ड्रामा
क्राइम मिस्ट्री
इमोशनल एंगल
इन सभी को एक साथ जोड़ना आसान नहीं होता, लेकिन शो काफी हद तक इसमें सफल रहता है।
खास बात यह है कि कहानी सिर्फ रिंग के अंदर नहीं, बल्कि रिंग के बाहर की जिंदगी पर भी फोकस करती है।
एक्टिंग: स्टार कास्ट ने मचाया धमाल
इस सीरीज की सबसे बड़ी हाइलाइट इसकी एक्टिंग है।
Pulkit Samrat
Pulkit Samrat ने अपने करियर की शायद सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस दी है।
- बॉक्सर के रूप में फिट
- इमोशनल सीन में दमदार
- स्क्रीन प्रेजेंस शानदार
Divyenndu
Mirzapur के बाद Divyenndu एक बार फिर अपने एंग्री यंग मैन अवतार में नजर आते हैं।
उनकी एनर्जी और डायलॉग डिलीवरी शो को और इंटेंस बनाती है।
Suvinder Vicky
सुविंदर विक्की का रोल शांत लेकिन प्रभावशाली है।
उनकी एक्टिंग बिना ज्यादा डायलॉग के भी असर छोड़ती है।
डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले
सीरीज को Karan Anshuman और Kanishik Varma ने डायरेक्ट किया है।
डायरेक्शन की खास बातें:
- मास अपील का ध्यान रखा गया है
- एक्शन सीन्स शानदार हैं
- सिनेमैटिक टच दिखता है
हालांकि, स्क्रीनप्ले कुछ जगहों पर कमजोर पड़ता है, खासकर जहां कहानी जरूरत से ज्यादा सिनेमैटिक लिबर्टी लेती है।
ह्यूमर और मसाला
सीरीज में सिर्फ गंभीरता ही नहीं, बल्कि ह्यूमर का भी अच्छा इस्तेमाल किया गया है।
- “सुल्तान बैल” का ट्रैक काफी मजेदार है
- कुछ सीन हल्कापन लाते हैं
- मिस्ट्री के बीच राहत मिलती है
यह बैलेंस दर्शकों को बोर नहीं होने देता।
कमजोरियां: जहां GLORY पीछे रह जाती है
हर अच्छी चीज में कुछ कमियां भी होती हैं, और GLORY इससे अछूती नहीं है।
कहानी में ओवर-सिनेमैटिक एलिमेंट
कई जगह कहानी बहुत ज्यादा फिल्मी लगती है, जिससे रियलिटी कम हो जाती है।
कैरेक्टर डेवलपमेंट की कमी
कुछ महत्वपूर्ण किरदार जैसे:
- कूकी यादव
- धांदा
इनका रोल शुरू में मजबूत लगता है, लेकिन बाद में इन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है।
प्लॉट में सुविधाजनक ट्विस्ट
कुछ सीन ऐसे लगते हैं जहां कहानी खुद ही रास्ता बना लेती है, जो दर्शकों को खटक सकता है।
म्यूजिक और टेक्निकल पहलू
- बैकग्राउंड स्कोर सिनेमैटिक है
- हरियाणवी टच अच्छा लगता है
- लेकिन कोई गाना यादगार नहीं बन पाता
सिनेमेटोग्राफी और एक्शन सीक्वेंस अच्छे हैं, खासकर बॉक्सिंग सीन काफी रियल लगते हैं।
क्या GLORY देखने लायक है?
अगर आप:
स्पोर्ट्स ड्रामा पसंद करते हैं
मिस्ट्री और थ्रिल चाहते हैं
फैमिली इमोशन के साथ कहानी देखना पसंद करते हैं
तो GLORY आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है।
फाइनल वर्डिक्ट
“GLORY” एक ऐसी वेब सीरीज है जो एंटरटेनमेंट और इमोशन का संतुलन बनाने की कोशिश करती है।
दमदार एक्टिंग
शानदार एक्शन
दिलचस्प मिस्ट्री
लेकिन:
कमजोर राइटिंग
ओवर-सिनेमैटिक ट्विस्ट
इन सबके कारण यह परफेक्ट नहीं बन पाती।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, “GLORY” एक वन-टाइम वॉच से थोड़ा बेहतर अनुभव देती है।
यह सीरीज आपको बांधे रखती है, लेकिन अंत में कुछ सवाल छोड़ जाती है।
अगर आप एक ऐसी वेब सीरीज ढूंढ रहे हैं जिसमें
एक्शन हो
इमोशन हो
और थोड़ी मिस्ट्री हो
तो GLORY जरूर देख सकते हैं।


