India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौता
भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक संयुक्त बयान (Joint Statement) जारी करते हुए अपने हालिया ट्रेड पैक्ट (Trade Pact) की पूरी जानकारी सार्वजनिक की। इस समझौते के तहत अमेरिका में भारतीय उत्पादों पर लगने वाला आयात शुल्क (टैरिफ) 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह फैसला फरवरी 2025 से चल रही लंबी बातचीत के बाद सामने आया है।
- India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक अंतरिम व्यापार समझौता
- भारतीय उत्पादों पर अमेरिका की बड़ी टैरिफ कटौती
- भारत ने भी अमेरिका को दिया बड़ा बाजार
- फरवरी 2025 में शुरू हुई थी बातचीत
- फार्मा, जेम्स और एयरक्राफ्ट पार्ट्स को भी राहत
- फार्मास्युटिकल सेक्टर पर नजर
- नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर सहमति
- Rules of Origin और सप्लाई चेन सुरक्षा
- $500 अरब की अमेरिकी खरीदारी करेगा भारत
- डिजिटल ट्रेड पर भी सहमति
दोनों देशों ने इसे एक अंतरिम व्यापार समझौता (Interim Agreement) करार दिया है, जिसे भविष्य में व्यापक India-US Bilateral Trade Agreement (BTA) की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
भारतीय उत्पादों पर अमेरिका की बड़ी टैरिफ कटौती
संयुक्त बयान के अनुसार, अमेरिका अब भारत से आने वाले कई उत्पादों पर केवल 18% का रेसिप्रोकल टैरिफ लगाएगा। इससे पहले यह शुल्क 50% तक था, जो भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था।
अमेरिका में सस्ते होंगे ये भारतीय उत्पाद:
टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स
लेदर और फुटवियर
प्लास्टिक और रबर उत्पाद
ऑर्गेनिक केमिकल्स
होम डेकोर और हस्तशिल्प (Artisanal Products)
चुनिंदा मशीनरी
सरकार का मानना है कि इससे मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट सेक्टर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।
भारत ने भी अमेरिका को दिया बड़ा बाजार
इस समझौते के तहत भारत ने भी अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने का फैसला लिया है। अमेरिका को भारतीय बाजार में प्राथमिकता (Preferential Market Access) दी जाएगी।
भारत में सस्ते होंगे ये अमेरिकी उत्पाद:
सभी अमेरिकी इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स
कृषि और खाद्य उत्पाद जैसे:
ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स (DDGs)
रेड सोरघम (पशु आहार)
ट्री नट्स
ताजे और प्रोसेस्ड फल
सोयाबीन ऑयल
वाइन और स्पिरिट्स
इससे भारत-अमेरिका के बीच कृषि और फूड ट्रेड में तेजी आने की उम्मीद है।
फरवरी 2025 में शुरू हुई थी बातचीत
संयुक्त बयान में बताया गया कि यह समझौता 13 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई बातचीत का नतीजा है। दोनों नेताओं ने व्यापक Bilateral Trade Agreement (BTA) के लिए रोडमैप तय किया था।
यह अंतरिम समझौता उसी दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है।
फार्मा, जेम्स और एयरक्राफ्ट पार्ट्स को भी राहत
संयुक्त बयान के मुताबिक:
जेनेरिक दवाओं,
हीरे-जवाहरात,
एयरक्राफ्ट और उसके पार्ट्स
पर अमेरिका भविष्य में रेसिप्रोकल टैरिफ हटाने पर सहमत हुआ है, बशर्ते अंतरिम समझौता सफलतापूर्वक लागू हो।
इसके अलावा:
स्टील, एल्यूमिनियम और कॉपर पर लगाए गए कुछ राष्ट्रीय सुरक्षा आधारित शुल्क भी हटाए जाएंगे।
भारत को ऑटो पार्ट्स के लिए विशेष टैरिफ कोटा मिलेगा।
फार्मास्युटिकल सेक्टर पर नजर
अमेरिका ने साफ किया है कि:
फार्मा और फार्मा इंग्रीडिएंट्स पर
US Section 232 की जांच के निष्कर्षों के आधार पर
भारत को विशेष राहत दी जाएगी।
यह भारत के फार्मा निर्यात उद्योग के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।
नॉन-टैरिफ बैरियर्स हटाने पर सहमति
भारत और अमेरिका दोनों ने यह माना कि केवल टैरिफ ही नहीं, बल्कि नॉन-टैरिफ बैरियर्स भी व्यापार में बड़ी बाधा हैं।
भारत ने इन मुद्दों पर सहमति दी:
अमेरिकी मेडिकल डिवाइसेज पर लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करना
ICT उत्पादों पर सख्त इंपोर्ट लाइसेंस नियमों में ढील
अंतरराष्ट्रीय मानकों (Global Standards) को स्वीकार करने पर विचार
Rules of Origin और सप्लाई चेन सुरक्षा
दोनों देशों ने यह भी तय किया कि:
Rules of Origin ऐसे होंगे कि
समझौते का लाभ मुख्य रूप से भारत और अमेरिका को ही मिले।
इसके साथ ही:
सप्लाई चेन को मजबूत बनाने
तीसरे देशों की अनुचित नीतियों से निपटने
निवेश और निर्यात नियंत्रण में सहयोग बढ़ाने
पर भी सहमति बनी है।
$500 अरब की अमेरिकी खरीदारी करेगा भारत
संयुक्त बयान में सबसे बड़ा ऐलान यह रहा कि:
भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से $500 अरब के उत्पाद खरीदेगा।
इसमें शामिल हैं:
एनर्जी प्रोडक्ट्स
एयरक्राफ्ट और पार्ट्स
कीमती धातुएं
टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स
कोकिंग कोल
इसके अलावा:
GPUs और डेटा सेंटर्स से जुड़ी टेक्नोलॉजी में
दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा।
डिजिटल ट्रेड पर भी सहमति
भारत और अमेरिका ने:
डिजिटल ट्रेड में भेदभावपूर्ण नियमों को खत्म करने
मजबूत और संतुलित डिजिटल ट्रेड फ्रेमवर्क तैयार करने
पर सहमति जताई है।
आगे क्या?
दोनों देश:
इस अंतरिम समझौते को जल्द लागू करेंगे
और पूर्ण Bilateral Trade Agreement (BTA) को अंतिम रूप देने पर काम जारी रखेंगे।
अमेरिका ने संकेत दिया है कि:
भविष्य में भारतीय उत्पादों पर
और ज्यादा टैरिफ कटौती
पर भी विचार किया जाएगा।
निष्कर्ष
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को:
दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में
एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।
टैरिफ कटौती से:
भारतीय निर्यातकों को राहत
अमेरिकी कंपनियों को बड़ा बाजार
और वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती
मिलने की उम्मीद है।
