भारतीय शेयर बाजार में SME IPO की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और इसी कड़ी में अब Leapfrog Engineering Services Limited अपना IPO लेकर आ रही है। कंपनी का यह इश्यू निवेशकों के लिए 17 जून 2026 से खुलने जा रहा है। लगभग ₹88.51 करोड़ के इस बुक बिल्डिंग IPO को लेकर बाजार में अच्छी चर्चा है।
- Leapfrog Engineering IPO: प्रमुख जानकारी
- IPO का आकार कितना है?
- प्राइस बैंड और लॉट साइज
- HNI निवेशकों के लिए निवेश राशि
- कंपनी क्या करती है?
- किन सेक्टरों में काम करती है कंपनी?
- कंपनी की प्रमुख सेवाएं
- 1. Electrical Solutions
- 2. Instrumentation एवं Automation
- 3. Fire Protection System
- 4. Building Automation Solutions
- कंपनी की ताकत (Competitive Strengths)
- कर्मचारियों की संख्या
- वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
अगर आप इस IPO में निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो निवेश से पहले कंपनी का कारोबार, वित्तीय स्थिति, जोखिम और संभावनाओं को समझना बेहद जरूरी है। SamayPeNews की इस रिपोर्ट में हम आपको Leapfrog Engineering Services IPO से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी सरल हिंदी में बता रहे हैं।
Leapfrog Engineering IPO: प्रमुख जानकारी
IPO कब खुलेगा?
- IPO ओपनिंग डेट: 17 जून 2026
- IPO क्लोजिंग डेट: 19 जून 2026
- अलॉटमेंट की संभावित तारीख: 22 जून 2026
- शेयर क्रेडिट: 23 जून 2026
- संभावित लिस्टिंग: 24 जून 2026
- एक्सचेंज: BSE SME
IPO का आकार कितना है?
Leapfrog Engineering IPO का कुल आकार ₹88.51 करोड़ है।
इसमें शामिल हैं:
फ्रेश इश्यू:
- 3,46,08,000 शेयर
- कुल राशि: लगभग ₹79.60 करोड़
ऑफर फॉर सेल (OFS):
- 38,76,000 शेयर
- कुल राशि: लगभग ₹8.91 करोड़
कुल शेयर:
- 3,84,84,000 इक्विटी शेयर
प्राइस बैंड और लॉट साइज
प्राइस बैंड:
₹21 से ₹23 प्रति शेयर
फेस वैल्यू:
₹1 प्रति शेयर
न्यूनतम आवेदन:
- 2 लॉट
- 12,000 शेयर
- निवेश राशि: ₹2,76,000
यह IPO SME कैटेगरी में होने के कारण रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि अपेक्षाकृत अधिक है।
HNI निवेशकों के लिए निवेश राशि
S-HNI:
- न्यूनतम 3 लॉट
- 18,000 शेयर
- निवेश: ₹4,14,000
B-HNI:
- न्यूनतम 8 लॉट
- 48,000 शेयर
- निवेश: ₹11,04,000
कंपनी क्या करती है?
Leapfrog Engineering Services Limited की स्थापना वर्ष 2005 में हुई थी।
यह कंपनी Integrated Engineering Services और EPCC (Engineering, Procurement, Construction and Commissioning) सेवाएं प्रदान करती है।
कंपनी विभिन्न उद्योगों के लिए एंड-टू-एंड समाधान उपलब्ध कराती है।
किन सेक्टरों में काम करती है कंपनी?
Leapfrog Engineering निम्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देती है:
- ऑयल एंड गैस
- फूड प्रोसेसिंग
- फार्मास्युटिकल्स
- मेटल्स
- इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
दो दशक से अधिक के अनुभव के साथ कंपनी कई बड़े प्रोजेक्ट समय पर पूरे कर चुकी है।
कंपनी की प्रमुख सेवाएं
1. Electrical Solutions
कंपनी निम्न सेवाएं देती है:
- इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग कंसल्टेंसी
- MV/LV स्विचगियर निर्माण
- टर्नकी EPC कॉन्ट्रैक्ट
- ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस
- सिस्टम कमीशनिंग
2. Instrumentation एवं Automation
- PLC और DCS अपग्रेड
- रोबोटिक्स आधारित ऑटोमेशन
- प्रोसेस कंट्रोल सिस्टम
- ऑटोमेशन उपकरण इंस्टॉलेशन
3. Fire Protection System
- फायर अलार्म सिस्टम
- फायर डिटेक्शन सिस्टम
- फायर सप्रेशन सिस्टम
- सुरक्षा मानकों के अनुरूप इंस्टॉलेशन
4. Building Automation Solutions
- HVAC कंट्रोल
- एक्सेस कंट्रोल सिस्टम
- CCTV निगरानी
- टाइम मैनेजमेंट सिस्टम
कंपनी की ताकत (Competitive Strengths)
Leapfrog Engineering के कुछ प्रमुख मजबूत पक्ष हैं:
अनुभवी प्रमोटर्स
कंपनी के पास अनुभवी नेतृत्व और मजबूत मैनेजमेंट टीम मौजूद है।
मजबूत ऑर्डर बुक
कंपनी के पास भविष्य के लिए अच्छा ऑर्डर पाइपलाइन उपलब्ध है।
वैश्विक उपस्थिति
कंपनी घरेलू बाजार के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी सेवाएं देती है।
विविध पोर्टफोलियो
एक ही सेक्टर पर निर्भरता कम है, जिससे जोखिम घटता है।
समय पर प्रोजेक्ट डिलीवरी
कंपनी का ट्रैक रिकॉर्ड बेहतर माना जाता है।
कर्मचारियों की संख्या
30 अप्रैल 2026 तक कंपनी में:
- 112 स्थायी कर्मचारी
- 60 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी
कार्यरत थे।
वित्तीय प्रदर्शन कैसा रहा?
(₹ करोड़ में)
| अवधि | कुल आय | PAT | EBITDA | नेटवर्थ |
|---|---|---|---|---|
| दिसंबर 2025 | 105.05 | 14.18 | 20.18 | 67.44 |
| मार्च 2025 | 137.37 | 16.22 | 21.57 | 53.26 |
| मार्च 2024 | 162.88 | 16.39 | 19.73 | 21.71 |
| मार्च 2023 | 105.38 | 0.28 | 1.01 | 5.32 |
वित्तीय आंकड़ों से क्या संकेत मिलता है?
सकारात्मक पक्ष:
- नेटवर्थ में मजबूत वृद्धि।
- लाभप्रदता बेहतर बनी हुई है।
- EBITDA लगातार मजबूत है।
- कंपनी का बिजनेस मॉडल विविध है।
ध्यान देने योग्य बातें:
- दिसंबर 2025 तक कुल आय में कुछ गिरावट देखने को मिली।
- उधारी बढ़कर ₹32.22 करोड़ तक पहुंच गई है।
- SME IPO में लिक्विडिटी अपेक्षाकृत कम होती है।
निवेशकों के लिए क्या हैं जोखिम?
IPO में निवेश से पहले इन जोखिमों को समझना जरूरी है।
प्रमुख जोखिम:
- प्रोजेक्ट आधारित कारोबार होने के कारण ऑर्डर फ्लो पर निर्भरता।
- आर्थिक सुस्ती का असर नए प्रोजेक्ट्स पर पड़ सकता है।
- उधारी का स्तर बढ़ा है।
- SME प्लेटफॉर्म पर शेयरों में उतार-चढ़ाव अधिक हो सकता है।
क्या इस IPO में निवेश करना चाहिए?
Leapfrog Engineering Services एक स्थापित EPCC कंपनी है, जिसकी मौजूदगी कई सेक्टरों में फैली हुई है। मजबूत ऑर्डर बुक, अनुभवी प्रबंधन और बढ़ती नेटवर्थ इसे आकर्षक बनाती है।
हालांकि निवेशकों को SME IPO से जुड़े जोखिमों और कम लिक्विडिटी को भी ध्यान में रखना चाहिए।
लंबी अवधि के निवेशक, जो मध्यम जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं, वे अपने वित्तीय सलाहकार की राय लेकर इस IPO का मूल्यांकन कर सकते हैं।
SamayPeNews निष्कर्ष
Leapfrog Engineering Services IPO उन निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर सकता है जो इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की ग्रोथ स्टोरी का हिस्सा बनना चाहते हैं। कंपनी का बिजनेस मॉडल विविध है और वित्तीय प्रदर्शन भी संतोषजनक नजर आता है। हालांकि किसी भी IPO में निवेश से पहले अपने जोखिम प्रोफाइल और निवेश उद्देश्यों का मूल्यांकन जरूर करें।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे निवेश सलाह न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।


