Nifty Outlook: 26,000 के नीचे कंसोलिडेशन, चुनिंदा सेक्टर में ही दिखेगा फायदा
भारतीय शेयर बाजार इस समय एक संवेदनशील दौर से गुजर रहा है। जहां एक ओर वैश्विक बाजार अपने रिकॉर्ड स्तरों के आसपास कारोबार कर रहे हैं, वहीं घरेलू बाजार में निफ्टी 50 लगातार 26,000–26,200 के स्तर को पार करने में नाकाम रहा है। इस बीच, बाजार विशेषज्ञ गौतम शाह, जो कि Goldilocks Global Research के फाउंडर हैं, मानते हैं कि यह गिरावट या कमजोरी नहीं बल्कि एक कंसोलिडेशन फेज है।
उनका कहना है कि इस समय निवेशकों को पूरे बाजार में नहीं, बल्कि चुनिंदा सेक्टर्स में ही मौके तलाशने चाहिए।
निफ्टी के लिए अहम स्तर क्या कहते हैं?
ET Now से बातचीत में गौतम शाह ने निफ्टी के लिए कुछ महत्वपूर्ण टेक्निकल लेवल्स साझा किए:
| स्तर | महत्व |
|---|---|
| 26,200 | मजबूत रेजिस्टेंस, कई बार ब्रेकआउट फेल |
| 25,450 | क्रिटिकल सपोर्ट लेवल |
| यूनियन बजट | संभावित ट्रिगर |
गौतम शाह के मुताबिक,
“जब तक निफ्टी 25,450 के ऊपर बना रहता है, तब तक बड़ी गिरावट की आशंका नहीं है। बजट के आसपास बाजार में रिबाउंड देखने को मिल सकता है।”
हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर निफ्टी इस सपोर्ट के नीचे फिसलता है, तो मीडियम टर्म में बाजार की तस्वीर कमजोर हो सकती है।
PSU बैंक: अब भी सबसे मजबूत दांव
गौतम शाह पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU Banks) को लेकर काफी सकारात्मक नजर आ रहे हैं। बीते एक साल में PSU बैंक स्टॉक्स ने:
प्राइवेट बैंकों से बेहतर प्रदर्शन किया
वैल्यूएशन के लिहाज से निवेशकों को आकर्षित किया
उन्होंने बताया कि PSU बैंकिंग इंडेक्स पहले ही 9,000 का टारगेट हासिल कर चुका है, लेकिन यहां कहानी खत्म नहीं होती।
PSU बैंक आउटलुक
अतिरिक्त अपसाइड: करीब 2,000 पॉइंट
लीडरशिप: टॉप 4–5 बड़े PSU बैंक
कारण: कम वैल्यूएशन, अंडर-ओनरशिप
शाह के शब्दों में,
“PSU बैंक इंडेक्स में अभी भी टॉप बनने के संकेत नहीं हैं। वैल्यूएशन कंफर्टेबल हैं और निवेशकों की हिस्सेदारी अभी भी कम है।”
मेटल्स: मल्टी-ईयर ग्रोथ का मौका
PSU बैंकों के बाद गौतम शाह सबसे ज्यादा बुलिश मेटल सेक्टर पर हैं। उनका मानना है कि:
6 महीने पहले फंडामेंटल कमजोर दिख रहे थे
लेकिन प्राइस एक्शन पहले ही बदलाव का संकेत दे रहा था
अब फंडामेंटल्स भी धीरे-धीरे सपोर्ट देने लगे हैं।
मेटल इंडेक्स के टारगेट
| अवधि | लक्ष्य |
|---|---|
| निकट अवधि | 12,000 |
| लंबी अवधि | 15,000 |
उन्होंने कहा,
“हार्ड एसेट्स पिछले 6 महीनों में बेहद रोमांचक रहे हैं। यह रैली अब और व्यापक हो सकती है।”
इस रैली में:
फेरस मेटल्स
स्टील कंपनियां
कॉपर, एल्यूमिनियम, जिंक जैसे बेस मेटल्स
सभी शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा, US मेटल और माइनिंग ETFs का आउटपरफॉर्म करना भी इस थीम को ग्लोबल सपोर्ट दे रहा है।
FMCG सेक्टर पर क्यों सतर्क हैं एक्सपर्ट?
जहां कुछ सेक्टर चमक रहे हैं, वहीं FMCG को लेकर गौतम शाह काफी सावधान हैं। उनके अनुसार:
FMCG स्टॉक्स अब भी महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं
कंजम्पशन रिकवरी को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है
उन्होंने कहा,
“मैं FMCG पर तब तक भरोसा नहीं करूंगा, जब तक एक पूरा क्वार्टर मजबूत नतीजे नहीं दिखाता।”
GST कटौती के बावजूद:
FMCG इंडेक्स कमजोर परफॉर्मर रहा है
रिस्क-रिवार्ड फिलहाल आकर्षक नहीं दिखता
IT सेक्टर: क्यों बना हुआ है दबाव?
गौतम शाह भारतीय IT सेक्टर पर भी नकारात्मक रुख रखते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं:
ऊंचे वैल्यूएशन
AI से जुड़ा डिसरप्शन
ग्लोबल टेक मार्केट्स में बेहतर अवसर
उनका मानना है कि टेक्नोलॉजी में निवेश के लिए:
अमेरिकी और अन्य वैश्विक बाजार
ज्यादा बेहतर विकल्प पेश कर रहे हैं
निवेश रणनीति: क्या करें निवेशक?
गौतम शाह की सलाह साफ है:
जरूरत से ज्यादा डाइवर्सिफिकेशन से बचें
मजबूत ट्रेंड और वैल्यूएशन वाले सेक्टर चुनें
उन्होंने माना कि:
स्मॉल और माइक्रो-कैप शेयरों में सेंटीमेंट कमजोर है
लेकिन सेलेक्टिव स्टॉक्स में रिस्क-रिवार्ड सुधर रहा है
आगे बाजार से क्या उम्मीद?
गौतम शाह का मानना है कि:
भारतीय बाजार का ग्लोबल मार्केट्स से अंडरपरफॉर्म करना अस्थायी है
यूनियन बजट एक बड़ा ट्रिगर बन सकता है
अगर:
निफ्टी 25,450 के ऊपर बना रहता है
वैश्विक बाजार मजबूत रहते हैं
तो आने वाले हफ्तों में बाजार फिर से गति पकड़ सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मौजूदा बाजार:
कमजोरी नहीं, बल्कि कंसोलिडेशन के दौर में है
पूरे बाजार में नहीं, बल्कि PSU बैंक और मेटल्स जैसे सेक्टर्स में ही मौके हैं
निफ्टी के लिए 25,450 का स्तर बेहद अहम रहेगा, जबकि 26,200 के ऊपर टिकाव ही अगली तेजी की पुष्टि करेगा।
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