Parasakthi पर फूटा दर्शकों का गुस्सा! Sivakarthikeyan की फिल्म को इंटरनेट ने बताया “Unbearable”, सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं

उम्मीदें बड़ी थीं, लेकिन Parasakthi दर्शकों की कसौटी पर क्यों फेल होती दिख रही है?

Dev
5 Min Read
Parasakthi में Sivakarthikeyan – 1960 के दशक की राजनीति पर आधारित फिल्मParasakthi Movie Review

Parasakthi Movie Review: पहले दिन ही क्यों उठे सवाल?

Sivakarthikeyan की बहुप्रतीक्षित फिल्म Parasakthi आखिरकार 10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई।
फिल्म को लेकर पहले से ही काफी चर्चा थी, क्योंकि इसे निर्देशित किया है Sudha Kongara ने, जिनकी पहचान गंभीर और प्रभावशाली सिनेमा के लिए होती है।

लेकिन रिलीज के साथ ही सोशल मीडिया पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, उसने फिल्म के भविष्य को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिल्म की पृष्ठभूमि और कहानी

Parasakthi एक तमिल भाषा की ऐतिहासिक राजनीतिक ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी 1960 के दशक के मद्रास (अब चेन्नई) में सेट है।
फिल्म तमिलनाडु के उस दौर को दिखाने की कोशिश करती है, जब Anti-Hindi Agitation यानी हिंदी विरोधी आंदोलन अपने चरम पर था।

फिल्म में:

  • भाषा

  • पहचान

  • सत्ता

  • सामाजिक असमानता

  • और राजनीतिक संघर्ष

जैसे विषयों को केंद्र में रखा गया है।

स्टार कास्ट और तकनीकी टीम

फिल्म में प्रमुख भूमिकाओं में नजर आते हैं:

  • Sivakarthikeyan

  • Ravi Mohan

  • Atharvaa

  • Sreeleela

सहायक कलाकारों में:

  • Kulappulli Leela

  • Prakash Belawadi

  • Guru Somasundaram

  • Dev Ramnath

  • Prithvi Rajan

फिल्म को Dawn Pictures ने प्रोड्यूस किया है।

सोशल मीडिया पर Parasakthi को लेकर गुस्सा

जैसे ही दर्शकों ने Parasakthi को सिनेमाघरों में देखा, X (पहले Twitter) पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई।
लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अधिकतर रिएक्शन नकारात्मक थे।

“UNBEARABLE” बताया फिल्म को

एक दर्शक ने बेहद सख्त शब्दों में लिखा:

“Director Sudha Kongara की कोशिश दिखती है, लेकिन कमजोर लेखन पूरी फिल्म को डुबो देता है। लगातार ओवर-द-टॉप सीन, चीख-चिल्लाहट और बनावटी बिल्ड-अप दर्शकों को परेशान करता है। Execution बेहद flawed है। NOT RECOMMENDED।”

“Dhurandhar दोबारा देख लेनी चाहिए थी”

कई यूज़र्स ने तुलना करते हुए कहा कि:

  • Parasakthi देखने से बेहतर था

  • Sivakarthikeyan की पिछली फिल्मों को दोबारा देख लिया जाता

एक यूज़र ने लिखा:

“Parasakthi देखने के बाद लग रहा है कि Dhurandhar फिर से देख लेनी चाहिए थी। कम से कम मनोरंजन तो मिलता।”

कहानी बनाम प्रस्तुति: कहां चूक हुई?

दर्शकों की प्रतिक्रियाओं से साफ है कि:

  • फिल्म का विषय दमदार है

  • लेकिन स्क्रीनप्ले और लेखन कमजोर पड़ गया

कई लोगों का मानना है कि:

  • राजनीतिक संदेश को जरूरत से ज्यादा जबरन थोपा गया

  • किरदारों की भावनात्मक गहराई ठीक से विकसित नहीं हो पाई

  • संवाद प्रभावी होने के बजाय शोर बनकर रह गए

Sudha Kongara से उम्मीदें क्यों थीं ज्यादा?

Sudha Kongara ने इससे पहले ऐसी फिल्में दी हैं, जिन्हें:

  • क्रिटिक्स की सराहना मिली

  • दर्शकों ने भी पसंद किया

इसी वजह से Parasakthi से उम्मीद थी कि यह:

  • एक संतुलित राजनीतिक ड्रामा होगी

  • जिसमें मनोरंजन और संदेश दोनों होंगे

लेकिन शुरुआती प्रतिक्रियाओं से लग रहा है कि यह संतुलन बिगड़ गया।

बॉक्स ऑफिस पर क्या असर पड़ेगा?

फिल्म को लेकर Word of Mouth फिलहाल कमजोर नजर आ रहा है।
अगर:

  • नकारात्मक प्रतिक्रियाएं जारी रहीं

  • और दर्शकों की संख्या में गिरावट आई

तो Parasakthi के लिए:

  • लंबा बॉक्स ऑफिस रन मुश्किल हो सकता है

हालांकि, राजनीतिक फिल्मों के मामले में अक्सर:

  • एक खास वर्ग की सराहना

  • और बाद में OTT पर बेहतर प्रतिक्रिया

देखने को मिलती है।

Sivakarthikeyan के करियर पर असर?

Sivakarthikeyan इस वक्त तमिल सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में से एक हैं।
Parasakthi जैसी गंभीर और राजनीतिक फिल्म चुनना:

  • उनके करियर के लिए एक साहसिक कदम था

हालांकि:

  • दर्शकों की नाराजगी

  • और कमजोर रिस्पॉन्स

उनके फैंस को निराश कर सकता है।

SamayPenews Analysis

Parasakthi एक ऐसी फिल्म बनकर उभर रही है, जिसकी मंशा मजबूत लेकिन क्रियान्वयन कमजोर है।
1960 के दशक की राजनीति को बड़े पर्दे पर लाना आसान नहीं होता, और शायद यही फिल्म की सबसे बड़ी चुनौती बन गई।

अब सबकी नजरें इस बात पर होंगी कि:

  • आने वाले दिनों में दर्शकों की राय बदलती है या नहीं

  • या फिल्म इंटरनेट की नकारात्मक छवि से उबर पाती है या नहीं

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