Sensex, Nifty 50 तीसरे दिन भी गिरावट में बंद, मिड और स्मॉलकैप पर ज्यादा दबाव – जानिए बाजार के 10 बड़े कारण

रुपये की कमजोरी और विदेशी बिकवाली से डगमगाया शेयर बाजार

Dev
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लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ भारतीय शेयर बाजारSensex Today

Sensex, Nifty 50 तीसरे सत्र में भी लाल निशान में बंद

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार, 17 दिसंबर को घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty 50 लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुए। रुपये की कमजोरी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देरी को लेकर बनी अनिश्चितता ने बाजार की धारणा को कमजोर बनाए रखा।

कारोबार के अंत में Sensex 120 अंक या 0.14% गिरकर 84,559.65 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 में 42 अंकों या 0.16% की गिरावट दर्ज की गई और यह 25,818.55 के स्तर पर बंद हुआ।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा नुकसान

जहां लार्जकैप इंडेक्स में सीमित गिरावट देखने को मिली, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में बिकवाली ज्यादा तेज रही

  • BSE Midcap Index: 0.53% की गिरावट

  • BSE Smallcap Index: 0.85% की गिरावट

इस व्यापक गिरावट के चलते BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर ₹466 लाख करोड़ रह गया, जो पिछले सत्र में ₹467.64 लाख करोड़ था। यानी निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब ₹1.6 लाख करोड़ की गिरावट आई।

भारतीय शेयर बाजार: आज के 10 बड़े हाईलाइट्स

1. लगातार तीसरे दिन बाजार क्यों गिरा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, घरेलू शेयर बाजार पर इस समय कई नकारात्मक फैक्टर एक साथ हावी हैं।

  • रुपये में कमजोरी

  • विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली

  • India-US ट्रेड डील को लेकर अनिश्चितता

  • ग्लोबल मार्केट्स से कमजोर संकेत

Geojit Investments के रिसर्च हेड विनोद नायर के अनुसार,

“विदेशी निवेशक लगातार उभरते बाजारों से पैसा निकाल रहे हैं, जबकि विकसित अर्थव्यवस्थाएं मजबूत बनी हुई हैं।”

2. Nifty 50 के टॉप गेनर्स

कमजोर बाजार के बावजूद Nifty 50 के 24 शेयर हरे निशान में बंद हुए।

टॉप गेनर्स रहे:

  • Shriram Finance (+2.07%)

  • State Bank of India (SBI) (+1.58%)

  • Hindalco Industries (+1.30%)

इन शेयरों में खरीदारी से इंडेक्स को कुछ हद तक सहारा मिला।

3. Nifty 50 के टॉप लूजर्स

वहीं, हेल्थकेयर और रिटेल सेक्टर के शेयरों में दबाव दिखा।

टॉप लूजर्स रहे:

  • Max Healthcare Institute (-3.71%)

  • Apollo Hospitals Enterprise (-1.98%)

  • Trent (-1.66%)

4. सेक्टोरल परफॉर्मेंस कैसी रही?

सेक्टर के लिहाज से बाजार का रुख मिला-जुला रहा।

तेजी वाले सेक्टर:

  • Nifty PSU Bank (+1.29%)

  • Nifty IT (+0.29%)

  • Metal (+0.25%)

  • Oil & Gas (+0.23%)

गिरावट वाले सेक्टर:

  • Media (-1.71%)

  • Consumer Durables (-0.96%)

  • Realty (-0.84%)

  • FMCG (-0.47%)

इसके अलावा Nifty Bank 0.18% और Financial Services Index 0.49% फिसल गया।

5. वॉल्यूम के हिसाब से सबसे एक्टिव शेयर

NSE पर ट्रेडिंग वॉल्यूम के मामले में ये शेयर सबसे आगे रहे:

  • Vodafone Idea – 62.7 करोड़ शेयर

  • Meesho – 18.1 करोड़ शेयर

  • Ola Electric Mobility – 14.9 करोड़ शेयर

6. कमजोर बाजार में भी 12 शेयरों में 15% से ज्यादा उछाल

बाजार की कमजोरी के बावजूद BSE पर 12 शेयरों में 15% से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।

इनमें शामिल रहे:

  • Meesho

  • TCI Finance

  • Shish Industries

  • Transwarranty Finance

  • Apex Frozen Foods

7. एडवांस-डिक्लाइन रेशियो

BSE पर बाजार की चौड़ाई कमजोर रही।

  • कुल ट्रेड हुए शेयर: 4,328

  • तेजी वाले शेयर: 1,475

  • गिरावट वाले शेयर: 2,694

  • अपरिवर्तित: 159

यह आंकड़ा बाजार में बिकवाली के दबाव को साफ दिखाता है।

8. 52-वीक हाई पर पहुंचे शेयर

दिन के कारोबार में 94 शेयरों ने अपना 52-सप्ताह का उच्च स्तर छुआ।
प्रमुख नाम:

  • Vedanta

  • Shriram Finance

  • Hindustan Zinc

9. 52-वीक लो पर फिसले करीब 200 शेयर

दूसरी ओर, 196 शेयर 52-वीक लो पर पहुंच गए
इनमें शामिल रहे:
ACC, REC, PFC, Colgate Palmolive, Mankind Pharma, United Breweries और Page Industries।

10. Nifty का टेक्निकल आउटलुक

SBI Securities के टेक्निकल एक्सपर्ट सुदीप शाह के अनुसार:

  • 25,700–25,650 का स्तर Nifty के लिए अहम सपोर्ट है

  • इसके नीचे जाने पर 25,500 तक गिरावट संभव

  • ऊपर की ओर 25,950–26,000 मजबूत रेजिस्टेंस

वहीं, Kotak Securities के श्रीकांत चौहान का कहना है कि

“अगर Nifty 25,775 के नीचे फिसलता है, तो बाजार में नई बिकवाली आ सकती है।”

निष्कर्ष (Conclusion)

भारतीय शेयर बाजार फिलहाल कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से जूझ रहा है। जब तक India-US ट्रेड डील और तिमाही नतीजों को लेकर स्पष्टता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

निवेशकों के लिए यह समय सावधानी और स्टॉक-स्पेसिफिक रणनीति अपनाने का है।

डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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