पिछले सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 9 मई से 15 मई 2026 के बीच बाजार में शुरुआती दिनों में भारी बिकवाली हुई, लेकिन बाद में रिकवरी भी देखने को मिली।
BSE Sensex और Nifty 50 दोनों ही इंडेक्स सप्ताह के अंत में गिरावट के साथ बंद हुए। शुक्रवार को Sensex करीब 161 अंक गिरकर 75,238 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 लगभग 46 अंक टूटकर 23,644 के स्तर पर बंद हुआ।
यह गिरावट ऐसे समय आई जब बाजार लगातार दो हफ्तों की तेजी के बाद दबाव में नजर आया। IT, बैंकिंग और broader market stocks में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाया दबाव
भारतीय बाजार पर इस बार सिर्फ घरेलू कारणों का असर नहीं दिखा, बल्कि वैश्विक परिस्थितियों ने भी सेंटीमेंट कमजोर किया।
भारतीय रुपया पहली बार इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान 96 प्रति डॉलर के स्तर के पार चला गया। कमजोर रुपये का असर विदेशी निवेश और आयात लागत दोनों पर पड़ सकता है।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका रहती है, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाए रखा।
US-China Trade Talks से मिली थोड़ी राहत
हालांकि सप्ताह के दूसरे हिस्से में बाजार ने कुछ हद तक रिकवरी दिखाई। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और चीन के बीच व्यापार वार्ता को लेकर सकारात्मक संकेत रहे।
वैश्विक बाजारों में risk appetite बढ़ने से भारतीय बाजार को भी सपोर्ट मिला। फार्मा और मेटल सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार ने अपने निचले स्तरों से अच्छी वापसी की।
14 मई को BSE Sensex लगभग 790 अंक उछला, जबकि Nifty 50 में करीब 277 अंकों की तेजी आई।
Nifty के लिए अगले हफ्ते क्यों अहम है 23,850 का स्तर?
Mehul Kothari के अनुसार बाजार फिलहाल बेहद महत्वपूर्ण स्तरों पर ट्रेड कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह Nifty ने 23,900 के अहम सपोर्ट जोन के नीचे ब्रेकडाउन दिया, जिससे पहले बना bullish structure कमजोर हो गया।
विश्लेषण के मुताबिक:
- 23,850 अब एक अहम resistance level बन चुका है।
- अगर Nifty इसके ऊपर टिकता है तो बाजार में नई तेजी आ सकती है।
- इसके बाद Nifty 24,500 से 25,000 तक जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर:
- अगर Nifty 23,500 के नीचे फिसलता है
- तो 23,300 के हालिया निचले स्तर दोबारा टेस्ट हो सकते हैं।
- इसके बाद 23,200–23,100 तक भी गिरावट संभव है।
यानी आने वाला सप्ताह बाजार की दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Bank Nifty पर भी बना दबाव
NIFTY BANK में भी पिछले सप्ताह भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
Index 54,000 के अहम सपोर्ट के नीचे फिसल गया और 53,200 तक पहुंच गया। विशेषज्ञों के अनुसार यह profit booking और कमजोर momentum का संकेत है।
महत्वपूर्ण स्तर:
- Support: 53,200
- अगला downside target: 52,800
- Resistance: 54,500
अगर Bank Nifty 54,500 के ऊपर टिकता है तो bullish structure फिर मजबूत हो सकता है।
Mehul Kothari ने बताए ₹200 से कम के 3 शेयर
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच Mehul Kothari ने अगले कुछ समय के लिए ₹200 से कम कीमत वाले तीन शेयरों की सिफारिश की है।
इन शेयरों में short-term trading opportunities देखने को मिल सकती हैं।
1. Shree Renuka Sugars
Shree Renuka Sugars को लेकर एक्सपर्ट ने सकारात्मक राय दी है।
Buy Range:
₹24 के आसपास
Target Price:
₹27
Stop Loss:
₹22.50
शुगर सेक्टर में हाल के दिनों में हलचल देखने को मिली है। तकनीकी चार्ट्स के अनुसार इस शेयर में momentum build-up नजर आ रहा है।
अगर बाजार का सेंटीमेंट बेहतर रहता है तो यह शेयर short-term में अच्छा प्रदर्शन कर सकता है।
2. Suzlon Energy
Renewable energy सेक्टर की चर्चित कंपनी Suzlon Energy भी एक्सपर्ट की पसंद बनी हुई है।
Buy Range:
₹53 के आसपास
Target Price:
₹58
Stop Loss:
₹50
Suzlon Energy पिछले कुछ समय से निवेशकों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। ग्रीन एनर्जी सेक्टर में बढ़ते निवेश और सरकारी सपोर्ट के कारण इस शेयर में मजबूत रुचि देखने को मिल रही है।
तकनीकी संकेतों के अनुसार शेयर में upward momentum जारी रह सकता है।
3. CESC
पावर सेक्टर की कंपनी CESC को भी खरीदारी के लिए सुझाया गया है।
Buy Above:
₹184
Target Price:
₹195
Stop Loss:
₹178
एक्सपर्ट का कहना है कि इस शेयर में breakout confirmation के बाद तेजी देखने को मिल सकती है। इसलिए ₹184 के ऊपर टिकने पर ही खरीदारी की सलाह दी गई है।
क्या निवेशकों को अभी सतर्क रहना चाहिए?
हालांकि बाजार में रिकवरी जरूर आई है, लेकिन अभी भी कई जोखिम बने हुए हैं।
इनमें शामिल हैं:
- बढ़ती कच्चे तेल की कीमतें
- कमजोर रुपया
- FIIs की बिकवाली
- वैश्विक geopolitical tensions
- महंगाई की चिंता
इसी वजह से विशेषज्ञ निवेशकों को फिलहाल stock-specific approach अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
Small Cap और Mid Cap शेयरों में बढ़ सकती है Volatility
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में small cap और mid cap शेयरों में ज्यादा volatility देखने को मिल सकती है।
ऐसे में निवेशकों को:
- उचित stop loss रखना चाहिए
- ज्यादा leveraged positions से बचना चाहिए
- मजबूत fundamentals वाले शेयरों पर फोकस करना चाहिए
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार फिलहाल एक बेहद अहम मोड़ पर खड़ा है। एक ओर वैश्विक चुनौतियां बाजार पर दबाव बना रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ सेक्टर्स में खरीदारी के मौके भी नजर आ रहे हैं।
Mehul Kothari द्वारा सुझाए गए Shree Renuka Sugars, Suzlon Energy और CESC अगले कुछ समय में निवेशकों की नजर में रह सकते हैं।
हालांकि किसी भी निवेश से पहले अपने financial advisor की सलाह जरूर लें और जोखिम को ध्यान में रखते हुए ही निवेश करें।
