वैश्विक बाजारों में मंगलवार को हलचल देखने को मिली, जब US stock market (Wall Street) में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को आई राहत भरी तेजी के बाद निवेशकों को उम्मीद थी कि बाजार में स्थिरता बनी रहेगी, लेकिन Middle East में बढ़ते तनाव ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया।
इस अनिश्चितता के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगाया और प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
प्रमुख इंडेक्स का हाल
मंगलवार को अमेरिकी बाजार के तीनों प्रमुख इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई:
- Dow Jones Industrial Average: लगभग 0.67% गिरकर 45,900 के करीब
- S&P 500: करीब 0.62% गिरावट
- Nasdaq Composite: लगभग 0.83% फिसला
यह गिरावट दर्शाती है कि निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
Middle East तनाव बना सबसे बड़ा कारण
Middle East में बढ़ते तनाव ने बाजार की दिशा बदल दी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के पावर ग्रिड पर हमले का फैसला टाल दिया, जिससे थोड़ी राहत मिली थी। लेकिन ईरान की ओर से बातचीत से इनकार और इज़राइल के बयान ने अनिश्चितता को फिर बढ़ा दिया।
यही कारण है कि बाजार में “relief rally” ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई।
तेल की कीमतों में उछाल
Middle East तनाव का सीधा असर तेल बाजार पर पड़ा है।
- कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
- ऊर्जा सेक्टर के शेयरों में उछाल
- बाकी सेक्टर दबाव में
ऊर्जा सेक्टर ही एकमात्र ऐसा सेक्टर रहा जिसने करीब 1.7% की बढ़त दर्ज की।
Private Credit संकट ने बढ़ाई चिंता
बाजार में गिरावट का दूसरा बड़ा कारण private credit सेक्टर से जुड़ी चिंताएं हैं।
- Ares Management ने अपने फंड से निकासी पर सीमा लगाई
- Apollo Global Management ने भी इसी तरह के कदम उठाए
इन फैसलों से निवेशकों में डर बढ़ गया कि liquidity crisis गहरा सकता है।
इसके अलावा:
- BlackRock
- Morgan Stanley
जैसी बड़ी कंपनियां भी पहले ऐसे कदम उठा चुकी हैं।
इसका असर यह हुआ कि financial सेक्टर दबाव में आ गया।
सेक्टर वाइज प्रदर्शन
S&P 500 के 11 में से ज्यादातर सेक्टर में गिरावट देखी गई:
- Financial सेक्टर: -0.7%
- Tech सेक्टर: कमजोरी
- Energy सेक्टर: +1.7% (एकमात्र मजबूत सेक्टर)
यह साफ दिखाता है कि बाजार में संतुलन बिगड़ा हुआ है।
एक्सपर्ट की राय
Logan Capital Management के Christopher O’Keefe के अनुसार:
“हर दिन बाजार में नई अनिश्चितता आ रही है। निवेशकों के सामने कई संभावनाएं हैं और सब कुछ समय पर निर्भर करता है।”
इसका मतलब है कि short-term में volatility बनी रह सकती है।
Federal Reserve और ब्याज दरें
Middle East संकट का असर केवल शेयर बाजार पर ही नहीं बल्कि monetary policy पर भी पड़ा है।
- Federal Reserve ने हाल ही में सख्त रुख अपनाया
- 2026 में केवल एक rate cut की संभावना जताई
- अब 2026 में भी rate cut को लेकर uncertainty
पहले जहां 2 rate cut की उम्मीद थी, अब वो कम हो गई है।
US अर्थव्यवस्था पर असर
एक सर्वे के अनुसार:
- मार्च में business activity 11 महीने के निचले स्तर पर
- energy cost बढ़ने से inflation का दबाव
- कंपनियों के खर्च में बढ़ोतरी
यह संकेत है कि global economy पर भी इसका असर पड़ सकता है।
कुछ शेयरों में तेजी
जहां पूरा बाजार दबाव में रहा, वहीं कुछ शेयरों में तेजी भी देखने को मिली:
- Jefferies: +3.3% (takeover की खबर से)
- Janus Henderson: +3.3%
यह दिखाता है कि specific news-driven stocks अभी भी outperform कर सकते हैं।
भविष्य के लिए क्या संकेत?
Barclays ने S&P 500 के लिए अपना target बढ़ाकर 7,650 कर दिया है।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा:
- Middle East तनाव
- AI disruption
- Private credit risk
ये सभी फैक्टर आगे बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
मार्केट ब्रेड्थ
- NYSE में गिरने वाले शेयर: बढ़ने वालों से 2.8 गुना ज्यादा
- Nasdaq में भी यही ट्रेंड
- New highs कम, new lows ज्यादा
यह संकेत है कि बाजार में कमजोरी व्यापक है।
निवेशकों के लिए सलाह
- Global news को नजरअंदाज न करें
- Short-term trading में सावधानी रखें
- Diversification जरूरी है
- Oil prices और interest rates पर नजर रखें
निष्कर्ष
US stock market में आई यह गिरावट सिर्फ एक दिन की घटना नहीं है, बल्कि यह global uncertainty का संकेत है। Middle East तनाव, private credit संकट और बढ़ती महंगाई की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक geopolitics और central bank policies पर निर्भर करेगी।
