‘Rambha Ho’ के रीहैश पर Usha Uthup की खुली सोच: बोलीं – “गाना गायक से बड़ा होता है”

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Dev
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Dhurandhar में नए अंदाज़ में गूंजता ‘Rambha Ho’, Usha Uthup ने किया स्वागतDhurandhar में नए अंदाज़ में गूंजता ‘Rambha Ho’, Usha Uthup ने किया स्वागत

‘Rambha Ho’ को मिला नया जीवन, Usha Uthup ने दिल खोलकर की तारीफ

हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं, जो समय की सीमाओं से परे जाकर पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों की जुबान पर चढ़ जाते हैं। ऐसा ही एक गाना है ‘Rambha Ho’, जिसे दिग्गज गायिका Usha Uthup ने 1981 में फिल्म Armaan के लिए गाया था। चार दशक से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद, यह गाना अब एक बार फिर चर्चा में है — वजह है Aditya Dhar की पीरियड स्पाई थ्रिलर फिल्म Dhurandhar

फिल्म में ‘Rambha Ho’ को नए सिरे से पेश किया गया है। इसे Shashwat Sachdev ने रीइमैजिन किया है, Madhubanti Bagchi की आवाज़ में गाया गया है और Ranveer Singh पर फिल्माया गया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इतने बड़े बदलाव के बावजूद Usha Uthup को इससे कोई आपत्ति नहीं, बल्कि उन्होंने इसे पूरे दिल से सराहा है।

“Wow! ये शानदार है” – Usha Uthup की पहली प्रतिक्रिया

Usha Uthup ने Radio Nasha से बातचीत में बताया कि जब उन्होंने ‘Rambha Ho’ का नया वर्जन पहली बार सुना, तो वह वाकई हैरान रह गईं।

उन्होंने कहा,

“किसी ने मुझे लिंक भेजा और मैंने कहा – ‘Wow! ये क्या है! ये तो कमाल का है।’ मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जिन्हें बुरा लगता है कि किसी और ने मेरा गाना गाया।”

Usha ने साफ किया कि वह इस बात से बेहद खुश हैं कि उनका गाना एक नए दौर में, एक नई पीढ़ी के बीच फिर से लोकप्रिय हो रहा है। उन्होंने Madhubanti Bagchi की आवाज़ की भी जमकर तारीफ की और कहा कि उन्होंने गाने के साथ पूरा न्याय किया है।

“गाना गायक से बड़ा होता है” – Usha Uthup का नजरिया

Republic TV को दिए गए एक अन्य इंटरव्यू में Usha Uthup ने अपने उस मशहूर विचार को फिर दोहराया, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है।

“मैं हमेशा मानती हूं कि गाना गायक से बड़ा होता है। ‘Rambha Ho’ जिसे भी गाना है, वो गाना हिट करेगा।”

उन्होंने बताया कि हाल ही में उन्होंने कोलकाता के मशहूर नाइटक्लब Trincas में Madhubanti Bagchi के साथ एक रील भी शूट की, जो दर्शकों को काफी पसंद आई। Usha के मुताबिक, यह दिखाता है कि संगीत पीढ़ियों को जोड़ने की ताकत रखता है।

Dhurandhar के बाद और भी पॉपुलर हुआ Rambha Ho

Usha Uthup ने यह भी माना कि वह पिछले 40 सालों से अपने हर कॉन्सर्ट में ‘Rambha Ho’ गाती आ रही हैं, लेकिन Dhurandhar के बाद इस गाने को एक नई ऊर्जा और नया दर्शक वर्ग मिला है।

उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा,

“हर शो में मुझे Rambha Ho गाना ही पड़ता है, लेकिन अब इसमें एक नई ताकत आ गई है। Gen-Z इसे Insta पर हर सेकेंड सुन रही है। ये वाकई हैरान करने वाला है।”

सोशल मीडिया पर गाने के मिलियन व्यूज़ इस बात का सबूत हैं कि एक अच्छा गाना समय के साथ और भी मजबूत होता जाता है।

रीमिक्स पर भी Usha Uthup की सकारात्मक सोच

आज के दौर में रीमिक्स को लेकर अक्सर बहस छिड़ जाती है। लेकिन Usha Uthup इस मुद्दे को काफी परिपक्व नजरिए से देखती हैं। India Today को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा,

“मैं इसे रीमिक्स की तरह नहीं देखती। सभी रीमिक्स खराब नहीं होते। कई बार अगर गानों को नए रूप में पेश न किया जाए, तो नई पीढ़ी उन्हें कभी सुन ही नहीं पाएगी।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि ‘Babuji Dheere Chalna’ जैसे गाने अगर नए अंदाज़ में न आते, तो शायद आज की युवा पीढ़ी उनसे कभी जुड़ ही न पाती।

क्लासिक गानों की अमरता पर विश्वास

Usha Uthup का मानना है कि जो गाने समय की कसौटी पर खरे उतरते हैं, वे हमेशा जिंदा रहते हैं। चाहे उन्हें कोई भी गाए।

उन्होंने कहा,

“अगर लोग आज भी ‘Ae Meri Zohra Jabeen’ सुनना चाहते हैं, तो क्यों नहीं? अगर Manna Dey नहीं हैं, तो और भी शानदार गायक हैं जो इसे गा सकते हैं।”

इस गाने का जिक्र करते हुए उन्होंने यह भी माना कि Phir Hera Pheri जैसी फिल्मों में इसके नए वर्जन ने भी गाने को एक नया जीवन दिया।

Dhurandhar और Rambha Ho का असर

Dhurandhar में ‘Rambha Ho’ का इस्तेमाल सिर्फ नॉस्टैल्जिया के लिए नहीं, बल्कि कहानी और माहौल को मजबूत करने के लिए किया गया है। Ranveer Singh पर फिल्माया गया यह गाना फिल्म के सबसे चर्चित हिस्सों में से एक बन चुका है।

Usha Uthup के मुताबिक,

“भगवान का शुक्र है कि Dhurandhar ने Rambha Ho को फिर से लोगों के दिलों तक पहुंचाया।”

निष्कर्ष

Usha Uthup की सोच आज के समय में एक बड़ा संदेश देती है। जहां कई कलाकार अपने गानों के रीमिक्स या रीहैश से नाराज़ हो जाते हैं, वहीं Usha इसे संगीत की जीत मानती हैं। उनके लिए गाना एक जीवित चीज़ है, जो हर दौर में नए रूप लेकर आगे बढ़ता है।

‘Rambha Ho’ का Dhurandhar में दोबारा गूंजना इस बात का सबूत है कि अच्छा संगीत कभी पुराना नहीं होता — बस उसे नए दिलों तक पहुंचने का मौका चाहिए।

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