भारतीय शेयर बाजार में बीता सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रहा। गुरुवार को मासिक एक्सपायरी के दिन Sensex और Nifty दोनों शुरुआती बढ़त गंवाने के बाद मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। शुक्रवार को मुहर्रम के कारण बाजार बंद रहा। अब निवेशकों की निगाह सोमवार के कारोबारी सत्र पर है, जहां घरेलू और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाला सप्ताह कई महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाओं, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन के कारण काफी महत्वपूर्ण रहने वाला है।
आइए जानते हैं वे 10 बड़े फैक्टर्स, जो सोमवार को शेयर बाजार की चाल तय कर सकते हैं।
1. ग्लोबल मार्केट का प्रदर्शन
अमेरिकी और एशियाई बाजारों का प्रदर्शन भारतीय शेयर बाजार पर सीधा असर डालता है। यदि सोमवार सुबह एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिलती है तो भारतीय बाजार पर भी दबाव बन सकता है।
वहीं यदि अमेरिकी बाजार सप्ताहांत की गिरावट से उबरते हैं तो घरेलू निवेशकों का भरोसा मजबूत हो सकता है।
2. विदेशी निवेशकों (FII) की खरीदारी या बिकवाली
हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया है।
यदि सोमवार को FII फिर से खरीदारी करते हैं तो बाजार में तेजी लौट सकती है, जबकि लगातार बिकवाली जारी रहने पर बाजार में कमजोरी देखने को मिल सकती है।
3. घरेलू निवेशकों (DII) का समर्थन
घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) लगातार बाजार को सहारा दे रहे हैं।
यदि DII की खरीदारी मजबूत बनी रहती है तो विदेशी बिकवाली का असर काफी हद तक कम किया जा सकता है।
4. कच्चे तेल की कीमत
भारत दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देशों में शामिल है।
यदि ब्रेंट क्रूड की कीमतें कम रहती हैं तो इससे महंगाई पर दबाव कम होगा और भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।
कम तेल कीमतें ऑटो, एविएशन, पेंट, केमिकल और FMCG सेक्टर के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं।
5. रुपया बनाम डॉलर
भारतीय रुपया और अमेरिकी डॉलर की चाल भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती है।
यदि रुपया मजबूत होता है तो विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना रहती है जबकि कमजोर रुपया आयात आधारित कंपनियों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
6. तकनीकी संकेत (Technical Levels)
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार Nifty के लिए 24,200 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यदि इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से बंद होता है तो नई तेजी देखने को मिल सकती है।
वहीं नीचे की ओर 23,900 और 23,800 महत्वपूर्ण सपोर्ट माने जा रहे हैं।
7. कॉर्पोरेट खबरें
आने वाले सप्ताह में कई कंपनियों से जुड़े अपडेट बाजार को प्रभावित कर सकते हैं।
किसी बड़ी कंपनी की डील, अधिग्रहण, ऑर्डर या प्रबंधन से जुड़ी खबरें संबंधित सेक्टर में तेज हलचल ला सकती हैं।
8. मानसून की प्रगति
भारत की अर्थव्यवस्था में मानसून की बड़ी भूमिका होती है।
अच्छा मानसून कृषि उत्पादन बढ़ाता है जिससे ग्रामीण मांग मजबूत होती है।
FMCG, ट्रैक्टर, खाद और कृषि से जुड़ी कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ता है।
9. वैश्विक आर्थिक आंकड़े
अमेरिका और यूरोप से आने वाले रोजगार, महंगाई और ब्याज दर से जुड़े आर्थिक आंकड़े निवेशकों की धारणा बदल सकते हैं।
यदि आंकड़े उम्मीद से कमजोर आते हैं तो वैश्विक बाजारों में दबाव बढ़ सकता है।
10. सेक्टर आधारित खरीदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सेक्टर आधारित निवेश की रणनीति अधिक प्रभावी रह सकती है।
बैंकिंग, ऑटो, कैपिटल गुड्स और इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है जबकि आईटी और मेटल सेक्टर में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
बाजार विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फिलहाल बाजार पूरी तरह नकारात्मक नहीं है, लेकिन तेज रैली के बाद निवेशक मुनाफावसूली भी कर रहे हैं।
इसलिए आने वाले सप्ताह में बड़ी तेजी की बजाय सीमित दायरे (Range Bound) में कारोबार देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक किसी भी तेजी या गिरावट में जल्दबाजी से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ही फोकस रखें।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
यदि आप शॉर्ट टर्म ट्रेडर हैं तो तकनीकी स्तरों पर नजर बनाए रखें।
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बाजार में गिरावट अच्छी कंपनियों में निवेश का अवसर बन सकती है।
हालांकि किसी भी निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
निष्कर्ष
भारतीय शेयर बाजार सोमवार को कई घरेलू और वैश्विक संकेतों के बीच कारोबार शुरू करेगा। विदेशी निवेशकों की गतिविधि, कच्चे तेल की कीमत, रुपया, मानसून, वैश्विक बाजार और तकनीकी स्तर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय सभी संकेतों पर नजर रखते हुए सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। आने वाला सप्ताह बाजार के लिए काफी अहम रहने वाला है और छोटी-सी खबर भी बड़ी हलचल पैदा कर सकती है।
