भारतीय शेयर बाजार में हालिया तेजी के बाद अब कंसोलिडेशन का दौर देखने को मिल रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल Nifty किसी बड़ी गिरावट के बजाय सीमित दायरे में कारोबार कर सकता है, जिसके बाद एक मजबूत ब्रेकआउट की संभावना बनेगी।
Strike Money Analytics और Indiacharts के संस्थापक रोहित श्रीवास्तव के अनुसार, Nifty आने वाले सत्रों में 26,100 के आसपास सपोर्ट बनाए रखते हुए धीरे-धीरे ऊपर की ओर मूव कर सकता है। उनका कहना है कि बाजार की मौजूदा संरचना यह संकेत दे रही है कि अगला बड़ा लक्ष्य 26,500 हो सकता है।
क्यों फिलहाल Nifty रहेगा रेंज-बाउंड?
ET Now से बातचीत में रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि हाल की तेजी के बाद बाजार को कुछ समय सांस लेने की जरूरत है। तेज़ उछाल के बाद अक्सर बाजार सीमित दायरे में ट्रेड करता है, जिसे तकनीकी भाषा में कंसोलिडेशन कहा जाता है।
उनके मुताबिक:
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26,100 Nifty के लिए मजबूत सपोर्ट ज़ोन बन चुका है
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जब तक यह स्तर बना रहता है, गिरावट सीमित रह सकती है
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ऊपर की ओर 26,500 अगला अहम रेजिस्टेंस है
इस समय निवेशकों में न तो ज्यादा डर है और न ही अति उत्साह, जो आमतौर पर कंसोलिडेशन फेज़ की पहचान होता है।
26,500 का ब्रेकआउट क्यों है अहम?
तकनीकी रूप से देखा जाए तो 26,500 का स्तर सिर्फ एक राउंड फिगर नहीं है, बल्कि यह एक मल्टी-वीक रेजिस्टेंस भी है। इसके ऊपर टिकने से:
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बाजार में नई खरीदारी आ सकती है
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शॉर्ट पोजीशंस का कवर होना तेज हो सकता है
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साल के अंत की Santa Rally को मजबूती मिल सकती है
रोहित श्रीवास्तव का मानना है कि यदि ग्लोबल संकेत और घरेलू सेंटिमेंट सपोर्टिव रहे, तो यह ब्रेकआउट ज्यादा दूर नहीं है।
IT सेक्टर: ट्रेडर्स के लिए मौका, निवेशकों के लिए सतर्कता
IT स्टॉक्स को लेकर श्रीवास्तव का रुख थोड़ा संतुलित नजर आया। उन्होंने कहा कि:
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IT सेक्टर में शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के मौके बन सकते हैं
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लेकिन लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए अभी स्पष्ट ट्रेंड नहीं है
अमेरिकी पॉलिसी अनिश्चितता, ब्याज दरों को लेकर असमंजस और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव IT कंपनियों के लिए चुनौती बने हुए हैं। हालांकि, गिरावट पर चुनिंदा IT स्टॉक्स में तेज़ रिकवरी भी देखी जा सकती है।
कमजोर डॉलर में मेटल सेक्टर को फायदा
इस पूरे मार्केट आउटलुक में सबसे दिलचस्प बात रही मेटल सेक्टर को लेकर उम्मीदें। रोहित श्रीवास्तव का मानना है कि:
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डॉलर के कमजोर होने से कमोडिटी प्राइसेज़ को सपोर्ट मिलता है
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मेटल स्टॉक्स आमतौर पर ऐसे माहौल में बेहतर प्रदर्शन करते हैं
उन्होंने कहा कि आने वाले हफ्तों में मेटल सेक्टर आउटपरफॉर्मर बन सकता है। खासतौर पर:
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स्टील
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एल्युमिनियम
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कॉपर से जुड़ी कंपनियां
निवेशकों को इस सेक्टर में सेलेक्टिव अप्रोच अपनाने की सलाह दी जा रही है।
Santa Rally की संभावनाएं कितनी मजबूत?
दिसंबर के आखिरी हफ्तों में आने वाली तेजी को आमतौर पर Santa Rally कहा जाता है। इस बार भी इसके संकेत मिल रहे हैं:
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FIIs की आंशिक वापसी
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रुपये में स्थिरता
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ग्लोबल मार्केट्स में सकारात्मक रुख
हालांकि, श्रीवास्तव ने साफ किया कि Santa Rally तभी टिकाऊ होगी जब Nifty 26,100 के ऊपर बना रहेगा। इसके नीचे फिसलने पर बाजार फिर से सुस्त हो सकता है।
निवेशकों के लिए रणनीति क्या हो?
मौजूदा बाजार परिस्थितियों को देखते हुए विशेषज्ञ निम्न रणनीति की सलाह दे रहे हैं:
लॉन्ग-टर्म निवेशक
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गिरावट पर क्वालिटी स्टॉक्स में धीरे-धीरे निवेश
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मेटल और कैपिटल गुड्स सेक्टर पर नजर
शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स
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IT और चुनिंदा इंडेक्स स्टॉक्स में ट्रेडिंग मौके
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26,100–26,500 के दायरे को ध्यान में रखकर पोजीशन
रिस्क मैनेजमेंट
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स्टॉप लॉस का सख्ती से पालन
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ओवरलीवरेज से बचें
तकनीकी स्तर जो रखना होगा ध्यान में
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Nifty Support: 26,100
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Immediate Resistance: 26,300
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Major Breakout Level: 26,500
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Downside Risk: 25,950 के नीचे
इन स्तरों के आधार पर ही बाजार की अगली दिशा तय होगी।
निष्कर्ष
फिलहाल भारतीय शेयर बाजार ना बहुत ज्यादा बुलिश है और ना ही बेयरिश, बल्कि एक संतुलित कंसोलिडेशन फेज़ में है। रोहित श्रीवास्तव के अनुसार, यह चरण अगले बड़े मूव से पहले की तैयारी हो सकता है।
अगर Nifty 26,500 के ऊपर मजबूती से निकलता है, तो साल के अंत में बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है। वहीं, कमजोर डॉलर के बीच मेटल सेक्टर निवेशकों को बेहतर रिटर्न दे सकता है।
संक्षेप में कहा जाए तो, धैर्य, सही सेक्टर चयन और अनुशासित रणनीति ही आने वाले दिनों में निवेशकों की सबसे बड़ी ताकत होगी।
