भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह की शुरुआत दमदार तेजी के साथ की है। लगातार दूसरे कारोबारी दिन बाजार में खरीदारी देखने को मिली, जिससे Sensex दो दिनों में करीब 1,100 अंक चढ़ गया, जबकि Nifty 50 ने 26,100 का अहम स्तर पार कर लिया।
सोमवार को Sensex 638 अंक या 0.75% की बढ़त के साथ 85,567.48 पर बंद हुआ, वहीं Nifty 206 अंक या 0.79% चढ़कर 26,172.40 के स्तर पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह की भारी उतार-चढ़ाव के बाद आई यह तेजी निवेशकों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।
तो सवाल यही है — आखिर शेयर बाजार क्यों बढ़ रहा है? इसके पीछे चार बड़ी वजहें सामने आ रही हैं।
1. रुपये में मजबूती बनी बड़ा सहारा
सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 89.45 पर पहुंच गया। रुपये में यह रिकवरी विदेशी निवेशकों की वापसी और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के सक्रिय हस्तक्षेप का नतीजा मानी जा रही है।
इससे पहले दिसंबर के मध्य में लगातार कैपिटल आउटफ्लो के चलते रुपया 91 प्रति डॉलर के पार चला गया था। 16 दिसंबर को यह 91.0750 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया था। हालांकि, इसके बाद RBI के हस्तक्षेप और डॉलर की मांग में कमी से रुपये ने जोरदार वापसी की।
रुपये में मजबूती का सीधा फायदा शेयर बाजार को मिलता है क्योंकि:
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विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है
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आयात लागत घटती है
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महंगाई पर दबाव कम होता है
यही वजह है कि रुपये की रिकवरी के साथ बाजार में खरीदारी लौटी।
2. FII की वापसी से बदला बाजार का ट्रेंड
शेयर बाजार की तेजी की दूसरी बड़ी वजह है Foreign Institutional Investors (FII) की वापसी। लगातार तीन सत्रों से FIIs कैश मार्केट में शुद्ध खरीदार बने हुए हैं।
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19 दिसंबर (शुक्रवार) को FIIs ने करीब ₹1,831 करोड़ के शेयर खरीदे
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वहीं Domestic Institutional Investors (DII) ने ₹5,723 करोड़ का निवेश किया
Geojit Investments के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार के अनुसार,
“रुपये में तेज़ रिवर्सल और FIIs की कैश मार्केट में वापसी, दोनों मिलकर बाजार में शॉर्ट कवरिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। इससे साल के अंत तक रैली तेज हो सकती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है और कमाई में सुधार की उम्मीद बाजार को फंडामेंटल सपोर्ट दे रही है, हालांकि ऊंचे वैल्यूएशन तेजी पर कुछ हद तक ब्रेक लगा सकते हैं।
3. ग्लोबल मार्केट से मिले पॉजिटिव संकेत
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एशियाई बाजारों की तेजी का भी पूरा फायदा उठाया। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट में टेक शेयरों की मजबूती से ग्लोबल सेंटिमेंट बेहतर हुआ।
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S&P 500 Futures में करीब 0.2% की तेजी
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Nasdaq Futures में 0.3% की बढ़त
एशियाई बाजारों की बात करें तो:
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जापान का Nikkei 1.5% चढ़ा
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MSCI Asia-Pacific Index (Japan को छोड़कर) में 0.3% की तेजी
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दक्षिण कोरिया का बाजार 1.8% उछला, AI सेक्टर से जुड़ी उम्मीदों के चलते
निवेशक अब अमेरिका के आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। अनुमान है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने तीसरी तिमाही में 3.2% की सालाना ग्रोथ दर्ज की होगी। साथ ही, अगले साल US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद भी बाजार को सपोर्ट दे रही है।
4. टेक्निकल संकेत भी दे रहे हैं मजबूती का इशारा
तकनीकी विश्लेषण के नजरिए से भी बाजार की तस्वीर पहले से बेहतर दिख रही है। Geojit Investments के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, Nifty अब कई हफ्तों की गिरावट के बाद स्थिर होता नजर आ रहा है।
उनके अनुसार:
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Nifty ने हालिया गिरावट में पिछले हफ्ते के लो लेवल के ऊपर टिके रहने में कामयाबी पाई है
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यह संकेत देता है कि बाजार में निकट भविष्य में बॉटम बन सकता है
टेक्निकल लेवल्स की बात करें तो:
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26,300 पहला अहम रेजिस्टेंस
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25,980 के नीचे फिसलने पर साइडवेज़ ट्रेडिंग संभव
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25,650 के नीचे जाने पर गिरावट बढ़कर 25,300–25,130 तक जा सकती है
यानी फिलहाल ट्रेंड पॉजिटिव है, लेकिन सतर्कता जरूरी है।
क्या यह साल के अंत की रैली है?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी Year-End Rally की शुरुआत हो सकती है। रुपये की मजबूती, FIIs की खरीदारी और ग्लोबल संकेतों में सुधार — ये तीनों फैक्टर एक साथ बाजार को ऊपर की ओर धकेल रहे हैं।
हालांकि, ऊंचे वैल्यूएशन और आने वाले मैक्रो डेटा बाजार की चाल तय करेंगे। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी के बजाय स्टॉक-स्पेसिफिक और सेक्टर-स्पेसिफिक अप्रोच अपनाने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
Sensex और Nifty में आई यह तेजी सिर्फ एक दिन का उछाल नहीं लगती।
रुपये की रिकवरी, FII की वापसी, ग्लोबल सपोर्ट और बेहतर टेक्निकल सेटअप — ये सभी संकेत देते हैं कि बाजार का मूड बदल चुका है।
हालांकि, आगे की चाल कई फैक्टर्स पर निर्भर करेगी, लेकिन फिलहाल निवेशकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान यह साफ बताती है कि भारतीय शेयर बाजार में भरोसा फिर से मजबूत हो रहा है।
