भारतीय शेयर बाजार में SME IPOs की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। इसी बीच इलेक्ट्रिकल वायर, कंडक्टर और पावर केबल बनाने वाली Susan Electricals India Ltd. अपना IPO लेकर आ रही है। कंपनी का यह इश्यू 11 जून 2026 से निवेशकों के लिए खुलेगा और 15 जून 2026 तक इसमें आवेदन किया जा सकेगा।
- Susan Electricals IPO: एक नजर में
- निवेश के लिए कितनी राशि चाहिए?
- कंपनी क्या करती है?
- कौन हैं कंपनी के ग्राहक?
- कहां स्थित हैं कंपनी के प्लांट?
- कंपनी की सबसे बड़ी ताकतें
- 1. DISCOMs के साथ मजबूत नेटवर्क
- 2. सरकारी टेंडर का फायदा
- 3. ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं का लाभ
- 4. तकनीकी विशेषज्ञता
- 5. व्यापक भौगोलिक उपस्थिति
- कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
- कर्ज की स्थिति
करीब ₹70.38 करोड़ के इस बुक बिल्डिंग IPO ने बाजार विशेषज्ञों और निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह कंपनी का बिजली वितरण क्षेत्र से जुड़ा कारोबार और हाल के वर्षों में शानदार वित्तीय प्रदर्शन है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह IPO वास्तव में निवेश के योग्य है? आइए विस्तार से समझते हैं।
Susan Electricals IPO: एक नजर में
- IPO ओपन डेट: 11 जून 2026
- IPO क्लोज डेट: 15 जून 2026
- संभावित अलॉटमेंट: 16 जून 2026
- रिफंड: 17 जून 2026
- शेयर क्रेडिट: 17 जून 2026
- संभावित लिस्टिंग: 18 जून 2026
- एक्सचेंज: BSE SME
- इश्यू टाइप: बुक बिल्डिंग IPO
- कुल इश्यू साइज: ₹70.38 करोड़
- फेस वैल्यू: ₹10 प्रति शेयर
- प्राइस बैंड: ₹120 से ₹127 प्रति शेयर
- कुल शेयर: 55,42,000 इक्विटी शेयर
यह IPO फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों का मिश्रण है।
इश्यू का विभाजन
- फ्रेश इश्यू: 47,42,000 शेयर (लगभग ₹60.22 करोड़)
- ऑफर फॉर सेल: 8,00,000 शेयर (लगभग ₹10.16 करोड़)
निवेश के लिए कितनी राशि चाहिए?
SME IPO होने के कारण इसमें निवेश की न्यूनतम राशि सामान्य IPO की तुलना में अधिक है।
रिटेल निवेशक
- न्यूनतम आवेदन: 2 लॉट
- कुल शेयर: 2,000
- निवेश राशि: ₹2,54,000
स्मॉल HNI
- न्यूनतम आवेदन: 3 लॉट
- कुल शेयर: 3,000
- निवेश राशि: ₹3,81,000
बिग HNI
- न्यूनतम आवेदन: 8 लॉट
- कुल शेयर: 8,000
- निवेश राशि: ₹10,16,000
इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता का आकलन करना जरूरी है।
कंपनी क्या करती है?
साल 2007 में स्थापित Susan Electricals India Ltd. अल्युमिनियम और कॉपर आधारित इलेक्ट्रिकल उत्पादों का निर्माण करती है।
इसके उत्पादों का उपयोग बिजली वितरण, ट्रांसफॉर्मर, मोटर और औद्योगिक उपकरणों में किया जाता है।
कंपनी के प्रमुख उत्पाद
- Electrical Winding Wires
- Copper एवं Aluminium Strips
- Aluminium Conductors
- Power Cables
- LT PVC Cables
- XLPE Insulated Cables
- LT Aerial Bunched Cables
- High Tension (HT) Cables
इसके अलावा कंपनी एल्यूमिनियम वायर और रॉड की ट्रेडिंग भी करती है और जॉब वर्क सेवाएं भी प्रदान करती है।
कौन हैं कंपनी के ग्राहक?
Susan Electricals का ग्राहक आधार मजबूत माना जाता है।
कंपनी मुख्य रूप से सेवाएं देती है:
- सरकारी DISCOMs
- EPC कंपनियां
- इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां
- वायर और केबल निर्माता
- बिजली वितरण से जुड़ी निजी कंपनियां
सरकारी टेंडरों में भागीदारी कंपनी के लिए स्थिर ऑर्डर बुक सुनिश्चित करने में मदद करती है।
कहां स्थित हैं कंपनी के प्लांट?
कंपनी की तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में स्थित हैं।
- साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया (Site-IV)
- SSGT रोड स्थित इकाइयां
FY26 के दौरान कंपनी ने उत्तर प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश और कर्नाटक समेत 7 राज्यों में अपने उत्पादों की बिक्री की।
30 अप्रैल 2026 तक कंपनी के पास 216 स्थायी कर्मचारी थे।
कंपनी की सबसे बड़ी ताकतें
1. DISCOMs के साथ मजबूत नेटवर्क
कंपनी के पास कई राज्यों के बिजली वितरण निगमों की मंजूरी और पंजीकरण मौजूद हैं।
2. सरकारी टेंडर का फायदा
सरकारी परियोजनाओं में भागीदारी से कंपनी को लगातार काम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
3. ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं का लाभ
RDSS और ग्रामीण बिजली विस्तार परियोजनाएं कंपनी के लिए बड़े अवसर बन सकती हैं।
4. तकनीकी विशेषज्ञता
कंपनी गुणवत्ता मानकों और तकनीकी क्षमताओं के मामले में मजबूत स्थिति में दिखाई देती है।
5. व्यापक भौगोलिक उपस्थिति
कई राज्यों में कारोबार होने से कंपनी किसी एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं रहती।
कंपनी की वित्तीय स्थिति कैसी है?
IPO में निवेश से पहले वित्तीय प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होता है।
कुल आय (₹ करोड़)
- FY24: ₹103.59 करोड़
- FY25: ₹136.05 करोड़
- FY26: ₹269.96 करोड़
कंपनी की आय में एक साल के भीतर लगभग 98% की वृद्धि हुई है।
शुद्ध लाभ (PAT)
- FY24: ₹0.76 करोड़
- FY25: ₹5.65 करोड़
- FY26: ₹18.25 करोड़
PAT में करीब 223% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
EBITDA
- FY24: ₹3.64 करोड़
- FY25: ₹12.00 करोड़
- FY26: ₹32.08 करोड़
नेट वर्थ
- FY24: ₹6.21 करोड़
- FY25: ₹17.98 करोड़
- FY26: ₹38.48 करोड़
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कंपनी ने हाल के वर्षों में तेज वित्तीय प्रगति की है।
कर्ज की स्थिति
हालांकि कंपनी का कर्ज भी बढ़ा है।
कुल उधारी
- FY24: ₹24.79 करोड़
- FY25: ₹45.27 करोड़
- FY26: ₹66.72 करोड़
बढ़ती उधारी निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक हो सकती है।
IPO में आरक्षण का बंटवारा
नेट ऑफर का आवंटन इस प्रकार है:
- QIB: 49.94%
- NII/HNI: 15.05%
- रिटेल निवेशक: 35.01%
कंपनी ने एंकर निवेशकों के लिए भी हिस्सा आरक्षित किया है, जो संस्थागत निवेशकों की रुचि को दर्शाता है।
निवेश से जुड़े जोखिम
हर IPO की तरह इसमें भी कुछ जोखिम हैं।
- SME शेयरों में लिक्विडिटी सीमित होती है।
- कंपनी का कर्ज लगातार बढ़ा है।
- सरकारी टेंडरों पर निर्भरता जोखिम बढ़ा सकती है।
- कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
- न्यूनतम निवेश राशि काफी अधिक है।
क्या Susan Electricals IPO में निवेश करना चाहिए?
यदि आप ऐसे निवेशक हैं जो SME IPO से जुड़े जोखिमों को समझते हैं और बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की दीर्घकालिक संभावनाओं पर भरोसा रखते हैं, तो यह IPO आपकी वॉचलिस्ट में शामिल हो सकता है।
कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि, बढ़ता मुनाफा और सरकारी परियोजनाओं से जुड़े अवसर सकारात्मक संकेत हैं। हालांकि बढ़ता कर्ज और SME सेगमेंट की अस्थिरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जो निवेशक उच्च जोखिम लेने की क्षमता रखते हैं, वे विस्तृत अध्ययन के बाद इस IPO पर विचार कर सकते हैं।
निष्कर्ष
Susan Electricals India IPO उन निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर बन सकता है जो भारत के बढ़ते बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर और विद्युतीकरण अभियान में भागीदारी चाहते हैं। कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत दिखाई देता है और उसका व्यवसाय भविष्य की ऊर्जा आवश्यकताओं से जुड़ा हुआ है।
लेकिन निवेश से पहले जोखिम, कर्ज की स्थिति और अपनी वित्तीय क्षमता का मूल्यांकन करना बेहद जरूरी है। सोच-समझकर लिया गया फैसला ही बेहतर निवेश साबित हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।)


